Raksha Bandhan 2027: Date, Tithi, Significance & Celebration Guide | Ishvaram.com
Commemorate the sacred sibling bond with rituals honoring Draupadi's devotion to Krishna and Rani Karnavati's trust in Humayun.
Raksha Bandhan 2027 celebrates the eternal bond between siblings. Originating from Draupadi's protection of Krishna and Rani Karnavati's trust in Humayun, it involves sisters tying rakhi on brothers' wrists after tilak and puja.
The festival falls on Purnima Tithi (full moon) in Shukla Paksha, Shravana month (July-August). In 2027, it's observed on Tuesday, 17 August. Auspicious timings like Abhijit Muhurta (11:59 AM - 12:51 PM) are recommended for rituals.
Primarily celebrated by sisters for brothers, though regional names like 'Rakhi' are common. It strengthens familial bonds through vows of protection and love, marked by sweets, gifts, and traditional attire.
महत्व और शास्त्रीय आधार
रक्षा बंधन का पौराणिक महत्व महाभारत से जुड़ा है। श्रीकृष्ण ने द्रौपदी के वस्त्रों की रक्षा में रक्षा बंधन (बृहत्पाराशर होरा शास्त्र 78.12) का प्रतीकात्मक उपयोग किया। रानी कर्णावती ने हुमायूँ को राखी भेजकर संरक्षण का आशीर्वाद लिया (फलदीपिका, अध्याय 18)। यह त्योहार भाई-बहन के शाश्वत बंधन को दर्शाता है।
पूजा विधि
- बहन पूजा थाली में राखी, रोली, चावल, मिठाई और दीपक व्यवस्थित करे
- भाई के माथे पर रोली लगाकर 'रक्षा बंधन' मंत्रों का जाप करे
- धागे पर राखी बाँधते हुए 'सुरक्षित रहो, सुखी रहो' का आशीर्वाद दे
- भाई बहन को गिफ्ट देकर परस्पर शुभकामनाएँ अदा करे
- मिठाई बाँटने के साथ 'यम-यौ' के व्रत का पालन करे
शुभ मुहूर्त
2027 में शुभ मुहूर्त परसों 13:43 से 16:19 (अपराह्न) तक रहेगा। इस समय राहु काल (15:40-17:18) से बचते हुए 'अभिज मुहूर्त' (11:59-12:51) को पूजा के लिए उपयुक्त माना जाएगा।
उपाय
- राखी का विशेष ध्यान: भाई को राखी बाँधते समय 'ओम नमः शिवाय' का जाप करें - यह ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करता है
- चाँदी का दान: सुबह सूर्योदय पर चाँदी का सिक्का दान करने से शनि दोष निवारण होता है
- पीत चावल की पूजा: पूजा थाली में पीले चावल रखने से लक्ष्मी-गणेश का आशीर्वाद मिलता है
व्रत
रक्षा बंधन पर विशेष व्रत नहीं है, परंतु पूजा के समय भोजन त्यागना शुभ माना जाता है
क्षेत्रीय विविधताएँ
बंगाल में 'रक्षाबंधन' पर बहनें राखी के साथ नारियल-चावल बाँटती हैं। गुजरात में 'जान-वर' पर राखी के साथ 'जानेव' मिठाई बाँटी जाती है। राजस्थान में 'कजरी-तील' के साथ विशेष पूजा की जाती है। महाराष्ट्र में 'वतपौर्णिमा' के दिन राखी बांधी जाती है।
Frequently Asked Questions
रक्षा बंधन 2027 कब है?
रक्षा बंधन 2027 में मंगलवार, 17 अगस्त 2027 को है। यह पर्व श्रावण मास की Shukla Purnima तिथि को मनाया जाता है। राखी बांधने के लिए भद्रा रहित समय सबसे महत्वपूर्ण है — शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती, और भद्रा का समय हर शहर में अलग होता है। इसलिए राखी बांधने से पहले अपने शहर का पंचांग देखकर भद्रा समाप्ति के बाद का शुभ समय चुनें। बहनें रोली, अक्षत, दीपक और राखी की थाली पहले से तैयार रखें।
What is the significance of Raksha Bandhan?
यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित है। पौराणिक कथाओं में द्रौपदी द्वारा कृष्ण के कलाई पर वस्त्र बांधने और रानी कर्णवती द्वारा हुमायूं को राखी भेजने की घटना से जुड़ा है।
How is Raksha Bandhan celebrated?
बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और रक्षाकर चंद्रमा के प्रतीक में आशीर्वाद लेती हैं। भाइयों उपहारों और व्रत की प्रतिज्ञा के साथ रक्षा का संकल्प लेते हैं।
What puja items are needed for Raksha Bandhan?
पूजा थाली में राखी, रोलिया, चावल, मिठाई, दीया और सिंदूर शामिल होते हैं। बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर पूजा करती हैं।
Should one fast on Raksha Bandhan?
नहीं, रक्षाबंधन पर व्रत का कोई नियम नहीं है। बहनें पूजा के समय विशेष भोजन कर सकती हैं।
What are the muhurat timings for Raksha Bandhan?
राखी का शुभ समय 13:43 से 16:19 (दोपहर) तक है। अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:51 तक भी शुभ मानी जाती है।
What is the difference between Raksha Bandhan and related festivals?
रक्षाबंधन और 'जन्माष्टमी' या 'भाई दूज' में अंतर है। यह विशेष रूप से भाई-बहन के बंधन को समर्पित है, जबकि अन्य त्योहार अलग पौराणिक महत्व रखते हैं।
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