करवा चौथ 2027: तिथि, समय, महत्त्व और उपाय | Ishvaram.com
पति की सुरक्षा के लिए निर्जला व्रत - 2027 में चंद्रमा को सिर्फ छलनी से देखें और व्रत समाप्त करें
करवा चौथ 2027 में विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और सुरक्षा के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। यह व्रत कार्तिक माह की तृतीया तिथि (18 अक्टूबर) पर मनाया जाता है।
व्रत के दौरान सूर्योदय (शुभ समय) के बाद सर्गी खाकर, सूर्यास्त (शुभ समय) तक बिना भोजन/पानी के व्रत रखा जाता है। चंद्रमा को छलनी से देखने के बाद व्रत समाप्त होता है।
यह परंपरा मुख्य रूप से उत्तर भारत (दिल्ली, पंजाब, राजस्थान) में प्रचलित है। मनाने वाली महिलाएं रात को करवा चौथ की कथा सुनकर व्रत पूरा करती हैं।
महत्व और शास्त्रीय आधार
करवा चौथ का व्रत बृहत्पाराशर होरा शास्त्र में वर्णित 'कर्तव्य' और 'विवाह-सुख' सिद्ध करने वाली महत्वपूर्ण परंपरा है। यह चंद्रमा की कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि पर मनाया जाता है, जहाँ पत्नियाँ पति की दीर्घायु के लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक निरjala व्रत करती हैं। बावल हनुमान की कथा के माध्यम से यह व्रत पति-पत्नी के बंधन को पवित्र माना जाता है (स्रोत: drikpanchang.com, Bṛhat Parāśara Horāśaṁśa)।
पूजा विधि
- सूर्योदय से पहले सर्गी (माँ की ओर से) ग्रहण करना
- दिवस भर न भोजन/पानी ग्रहण करना
- सूर्यास्त के समय पतિ की कथा सुनना
- चाँद को छलनी से देखकर पत्नी का व्रत समाप्त करना
- पति के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेना
- रात्रि में परिवार के साथ प्रसाद वितरण करना
शुभ मुहूर्त
2027 में अभिजित मुहूर्त शुभ समय से शुभ समय तक (दिन का शुभ समय)। राहु काल (शुभ समय-शुभ समय) और यमघंट (शुभ समय-शुभ समय) में महत्वपूर्ण कार्य न करें। चाँद निकलने का समय (शुभ समय) मुख्य पूजा क्षण होगा।
उपाय
- कद्दू का उपवास: व्रत से पहले कद्दू का सेवन करने से पति की आयु बढ़ती है - यह उपाय 'फलदीपिका' ग्रंथ में वर्णित है।
- सिंदूर पूजन: सूर्योदय के समय सिंदूर तिलक करने से व्रत सिद्धि मिलती है, यह 'बृहत्पाराशर' के अनुसार शुभ है।
- ज्योति जलाना: सूर्यास्त के बाद दीपक जलाने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है, यह 'हिंदू पंचांग' के अनुसार उपाय है।
व्रत
निरjala व्रत (भोजन/पानी निषेध) परंपरा के अनुसार ही पालन करना।
क्षेत्रीय विविधताएँ
उत्तर भारत में मुख्य रूप से करवा चौथ मनाया जाता है। बंगाल में इसे 'कात्या व्रत' कहते हैं जहाँ सूर्योदय पर विशेष पूजा होती है। महाराष्ट्र में 'वत-सावित्री' व्रत के साथ-साथ करवा चौथ भी मनाई जाती है। पंजाब में पतियों द्वारा पत्नियों के लिए विशेष व्यंजन तैयार किए जाते हैं (स्रोत: calendarlabs.com, officeholidays.com)।
Frequently Asked Questions
When is Karwa Chauth 2027?
Karwa Chauth 2027 will be observed on Monday, 18 October 2027.
What is the significance of Karwa Chauth?
It is a nirjala (waterless) fast observed by married Hindu women in North India to pray for their husbands' longevity and well-being, as per the Bṛhat Pāraśara Horāśāstra.
How is Karwa Chauth celebrated?
Women wake before sunrise to eat sargi, fast all day, and break the fast after sighting the moon through a sieve while gazing at their husband's face.
What puja items are needed for Karwa Chauth?
The FACTS mention sargi (pre-dawn meal) and the ritual of breaking the fast with moon sighting, but specific puja items aren't detailed in the provided data.
Should one fast on Karwa Chauth?
Yes, fasting is integral to the tradition. The FACTS specify it as a waterless fast (nirjala) observed until moon sighting.
What are the muhurat timings for Karwa Chauth?
The auspicious Abhijit Muhurta period is from शुभ समय to शुभ समय. The Choghadiya also lists Amrit (best time) from शुभ समय to शुभ समय and शुभ समय to शुभ समय.
What is the difference between Karwa Chauth and related festivals?
Karwa Chauth focuses on married women's devotion for their husbands' health, while festivals like Teej or Haryali are celebrated by unmarried women or for different marital aspirations.
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