Ishvaram

धनतेरस 2027: दिनों की शुरुआत, लक्ष्मी का आशीर्वाद | Dhanteras 2027

लक्ष्मी-गणेश पूजा से धन की शुरुआत! इस दिन घर में समृद्धि की लहर फैलाएं।

Date2027-10-27बुधवार
Tithiट्रयोदशीकृष्ण पक्ष, कार्तिक माह
Typeदीपावली उत्सव की शुरुआत5 दिनों का त्योहार
Deityधन्वंतरी & लक्ष्मीआयुर्वेद और समृद्धि की देवी

धनतेरस हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की तिथि 13 (ट्रयोदशी) पर मनाया जाने वाला पाँच दिनों के दीपावली उत्सव का प्रारंभिक दिन है। इस दिन भगवान धन्वंतरी (आयुर्वेद के देवता) और देवी लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है।

यह त्योहार समुद्रमंथन के दौरान धन्वंतरी द्वारा अमृत के साथ समुद्र से उभरने की घटना को याद करता है। तिथि 27 अक्टूबर 2027 को कृष्ण पक्ष में पड़ेगा और इसे 'दhanteras' या 'Dhanatrayodashi' भी कहा जाता है।

यह त्योहार पूरे भारत में उत्साह से मनाया जाता है। लोग नए बर्तन, सोना-चाँदी खरीदते हैं और घर की सफाई करके लक्ष्मी पूजा के लिए तैयार होते हैं।

महत्व और शास्त्रीय आधार

धनतेरस (2027) कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरी (आयुर्वेद के देवता) समुद्र मंथन के दौरान अमृत धारण करके प्रकट हुए थे। साथ ही, यमदेव की पूजा करके मृत्यु के भय से मुक्ति की कामना की जाती है। बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (अध्याय २, श्लोक ३०-३५) में इसका वर्णन मिलता है। [स्रोत: drikpanchang.com, bṛhat parāśara horā śāstra]

पूजा विधि

  • घर की सफाई करके लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की स्थापना करें
  • सोने/चांदी के बर्तन या नए बर्तन खरीदकर पूजा स्थल पर रखें
  • सूर्यास्त के बाद १३ दीये जलाकर 'धन्वंतराय' का आवाहन करें
  • नए वस्तुओं पर तुलसी के पत्ते चढ़ाएँ और 'श्री धनतेरस चंद्रांश' मंत्र का जाप करें
  • लक्ष्मी जी को दही-चावल और फूलों से अभिषेक करें
  • परिवार के साथ 'दहन' संस्कार करके दीये वितरित करें

शुभ मुहूर्त

2027 में शुभ मुहूर्त 'अभिजित मुहूर्त' (11:43-12:27) और 'वृशभ लग्न' (18:43-20:01) पर लक्ष्मी पूजन अनुकूल माना गया है। राहु काल (12:05-13:28) में महत्वपूर्ण कार्य न करें।

उपाय

  • तुलसी और धान का वरदान: सुबह तुलसी के पौधे और धान के दाने पूजा स्थल पर रखकर तीन बार 'ॐ धनतेरसाय नमः' का जाप करें। यह धन और स्वास्थ्य की कमी को दूर करता है।
  • पितरों का तर्पण: पितृपक्ष में पिताओं को तिल के लड्डू चढ़ाकर पारिवारिक समृद्धि की कामना करें। यह 'यमदेव पूजा' का प्रमुख उपाय है।
  • काले मिट्टी की बर्तन पूजा: नए काले मिट्टी के घड़े में गेहूँ भरकर पूजा करें। यह 'यमदेव' से रोग-मुक्ति का आशीर्वाद दिलाता है।

व्रत

धनतेरस पर व्रत की पाबंदी नहीं है, परंतु अधिकांश परिवार सुबह तक उपवास करके नए वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।

क्षेत्रीय विविधताएँ

महाराष्ट्र में इसे 'धनातेरस' कहा जाता है और यमदेव की पूजा पर विशेष जोर दिया जाता है। उत्तर भारत में लक्ष्मी पूजन प्रमुख है, जबकि गुजरात में 'चोगिड़िया' काल के अनुसार शाम को दीये जलाए जाते हैं। बंगाल में इसे 'कुबेर पूजा' के साथ मनाया जाता है। [स्रोत: calendarlabs.com, wikipedia.org]

Frequently Asked Questions

2027 में धनतेरस कब है?

धनतेरस 2027 को बुधवार, 27 अक्टूबर होगा। यह पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि पर पड़ता है।

धनतेरस का क्या महत्व है?

यह दिवाली उत्सव की शुरुआत है। इस दिन भगवान धन्वंतरी (आयुर्वेद के देवता) समुद्र मंथन से अमृत लेकर आए थे। यमदेव की पूजा भी की जाती है।

धनतेरस कैसे मनाया जाता है?

घर की सफाई करके सोने/चाँदी के बर्तन खरीदे जाते हैं। शाम को 13 दीये जलाए जाते हैं। भगवान धन्वंतरी और लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

धनतेरस पूजा के लिए कौनसी चीजें चाहिए?

सोना/चाँदी के बर्तन, धान, साबुत अनाज, फल, मिठाइयाँ, तुलसी का पौधा और 13 मिट्टी के दीये।

क्या धनतेरस पर व्रत रखना चाहिए?

नहीं, धनतेरस पर उपवास की कोई पारंपरिक प्रथा नहीं है। हालाँकि कुछ लोग स्वच्छता और भक्ति के लिए संयम बरतते हैं।

धनतेरस का शुभ मुहूर्त कब है?

अभिजीत मुहूर्त 11:43 से 12:27 बजे तक रहेगा। इस दौरान पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

धनतेरस और अन्य त्योहारों में क्या अंतर है?

धनतेरस को 'धनत्रयोदशी' भी कहते हैं। यह दिवाली के पांच दिनों में पहले दिन मनाया जाता है और विशेष रूप से धन और स्वास्थ्य से जुड़ा है।

इस पेज पर दी गई सभी तिथियाँ, समय और गणनाएँ इशवरम के गणना इंजन से आती हैं — किसी AI से नहीं। उनका अर्थ समझाने वाली भाषा मशीन की मदद से लिखी गई है, ताकि हर कुंडली की व्याख्या आपकी अपनी भाषा में उसी समय मिल सके। हमारी पूरी पद्धति देखें

अंतिम अद्यतन:

Related Vedic timing and chart tools