Ishvaram

भाई दूज 2027: भाई-बहन का त्योहार, तिथि, समय, और रीति-रिवाज

भाई-बहन के प्यार को समर्पित यह त्योहार भाई दूज 2027 में विशेष रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा।

Date2027-10-31रविवार
Tithiद्वितीयाशुक्ल पक्ष, कार्तिक माह
Typeभाई-बहन उत्सवपारिवारिक बंधन
Deityयममृत्यु के देवता

भाई दूज 2027, 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा जो भाई-बहन के पवित्र बंधन को समर्पित है। इस दिन बहनें अपने भाइयों का तिलक लगाकर उनके कल्याण की प्रार्थना करती हैं।

यह त्योहार कार्तिक माह की द्वितीया तिथि पर मनाया जाता है। 2027 में यह रविवार को पड़ेगा और यम द्वितीया के रूप में भी जाना जाता है।

विवाहित बहनों द्वारा अपने भाई के घर जाने की परंपरा है। इस दिन भाइयों को बहनों द्वारा विशेष भोजन और उपहार दिए जाते हैं।

महत्व और शास्त्रीय आधार

भाई दूज (2027-10-31) का आध्यात्मिक महत्व यम (मृत्यु के देवता) और यमुना की पौराणिक कथा पर आधारित है। बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (स्रोत: drikpanchang.com) के अनुसार, इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया था। यह रिश्तों की पवित्रता और भ्रातृ-सहोदर प्रेम को दर्शाता है। 'यम द्वितीया' नाम से भी जाना जाता है, जो मृत्यु के प्रति मानव की जिज्ञासा को शांत करता है।

पूजा विधि

शुभ मुहूर्त

2027-10-31 को अभिजित मुहूर्त (शुभ समय-शुभ समय) सबसे शुभ माना गया है। वृशभ लग्न (शुभ समय-शुभ समय) के दौरान लक्ष्मी पूजन की विशेष विधि है। यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है (स्रोत: drikpanchang.com)।

उपाय

व्रत

भाई दूज पर व्रत अनिवार्य नहीं है, पर कुछ क्षेत्रों में बहनें प्रातःकालीन उपवास करती हैं।

क्षेत्रीय विविधताएँ

बंगाल में 'भाई फोंटा', असम में 'भोन' और उत्तर भारत में 'यमा द्वितीया' के रूप में मनाया जाता है। कुछ राज्यों में बहनें भाई के घर जाते हैं, तो कहीं भाई बहन का स्वागत करते हैं। महाराष्ट्र में 'वत पौर्णिमा' के साथ संबंधित रीति-रिवाज देखे जाते हैं।

Frequently Asked Questions

भाई दूज 2027 कब मनाया जाएगा?

भाई दूज 2027 में 31 अक्टूबर (रविवार) को मनाया जाएगा। यह कार्तिक माह की द्वितीया तिथि पर पड़ता है।

भाई दूज का क्या महत्व है?

यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित है। किंवदंती के अनुसार, यम (मृत्यु का देवता) ने अपनी बहन यमुना पर तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया था (स्रोत: drikpanchang.com, बृहत्पाराशर होरा शास्त्र)।

भाई दूज कैसे मनाया जाता है?

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, आरती करती है, और भोजन खिलाती है। भाई बहन को उपहार देते हैं। विवाहित बहनों को ससुराल जाने की परंपरा है।

भाई दूज की पूजा में कौन-सी चीज़ें चाहिए?

तिलक, फूल (विशाखा नक्षत्र), मिठाई, दीप, और नैवेद्य के लिए सादा भोजन। लक्ष्मी पूजा के लिए वृशभ लग्न समय (शुभ समय-शुभ समय) शुभ माना जाता है।

क्या भाई दूज पर व्रत रखना चाहिए?

नहीं, भाई दूज पर उपवास की कोई अनिवार्यता नहीं है। बहनें भोजन परोसने पर ध्यान केंद्रित करती हैं।

भाई दूज के शुभ मुहूर्त क्या हैं?

अभिजीत मुहूर्त शुभ समय से शुभ समय तक और प्रadosh काल शुभ समय से शुभ समय तक। इन समयों में पूजा विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती है।

भाई दूज और अन्य त्योहारों में क्या अंतर है?

भाई फोंटा (बंगाल) और यम द्वितीया (उत्तर भारत) इसके क्षेत्रीय नाम हैं। यह रक्षाबंधन या करवा चौथ से भिन्न है क्योंकि इसमें यम-यमुना की कथा और द्वितीया तिथि पर विशेष रीति-रिवाज शामिल हैं।

अंतिम अद्यतन:

Related Vedic timing and chart tools