होली 2027: तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त
रंगों का पर्व होली — होलिका दहन, पूजा विधि और शुभ समय की जानकारी।
होली 2027 में सोमवार, 22 मार्च 2027 को मनाई जाएगी।
इस पर्व की मुख्य तिथि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा है। नई दिल्ली के अनुसार पूर्णिमा तिथि रविवार, 21 मार्च 2027 को 18:22 बजे आरंभ होकर सोमवार, 22 मार्च 2027 को 16:14 बजे समाप्त होगी। स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और पंचांग के कारण शहर के अनुसार समय बदल सकता है।
परिवार अपनी परंपरा के अनुसार पूजा, व्रत और दान करते हैं। क्षेत्रीय नाम और रीति-रिवाज: धुलेटी (गुजरात), रंग पंचमी (महाराष्ट्र), दोल जात्रा (बंगाल)।
महत्व और शास्त्रीय आधार
होली राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है। यह सर्दी के अंत और वसंत के आनंद का प्रतीक है। रंग खेलते समय सभी सामाजिक भेदभाव मिट जाते हैं।
पूजा विधि
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान तैयार करें।
- दीपक जलाकर गणेश वंदना और संकल्प करें।
- रंग खेलने से पहले तिलक लगाएं, पड़ोसियों को मिठाई दें, प्राकृतिक रंगों (गुलाल) से होली खेलें, ठंडाई और गुझिया बनाएं और बड़ों का आशीर्वाद लें।
- नैवेद्य, पुष्प और जल अर्पित करें।
- मंत्र जप, आरती और परिवार के साथ प्रसाद वितरण करें।
- शक्ति अनुसार दान करें और स्थानीय परंपरा का पालन करें।
शुभ मुहूर्त
होलिका दहन रविवार, 21 मार्च 2027 की रात प्रदोष काल में, भद्रा रहित समय देखकर किया जाता है। भद्रा का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए दहन का सटीक समय अपने शहर के पंचांग से अवश्य देखें। रंगवाली होली के दिन नई दिल्ली में अभिजित मुहूर्त 12:04 से 12:52 तक और राहु काल 07:58 से 09:28 तक रहेगा। शहर बदलने पर सूर्योदय और सूर्यास्त आधारित समय बदल सकता है।
उपाय
- संकल्प: पूजा से पहले स्पष्ट संकल्प करें और परिवार की मंगल कामना रखें।
- दान: अन्न, वस्त्र या दक्षिणा अपनी क्षमता के अनुसार दें।
- मंत्र जप: इष्ट देवता के नाम का शांत मन से जप करें।
व्रत
इस दिन अनिवार्य व्रत सभी परंपराओं में नहीं है।
क्षेत्रीय विविधताएँ
क्षेत्रीय परंपराएं परिवार और पंथ के अनुसार बदलती हैं। प्रमुख नाम/रूप: धुलेटी (गुजरात), रंग पंचमी (महाराष्ट्र), दोल जात्रा (बंगाल)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होली 2027 कब है?
होली 2027 में सोमवार, 22 मार्च 2027 को खेली जाएगी, और होलिका दहन रविवार, 21 मार्च 2027 की रात होगा। होलिका दहन फाल्गुन मास की शुक्ल पूर्णिमा तिथि की रात प्रदोष काल में, भद्रा रहित समय देखकर किया जाता है — भद्रा का समय हर शहर में अलग होता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें। अगले दिन रंगों की होली यानी धुलंडी मनाई जाती है। दहन की अग्नि नकारात्मकता के शमन का प्रतीक है, इसलिए इस रात मंत्र जप और उपाय विशेष फलदायी माने जाते हैं।
होली की तिथि क्या है?
मुख्य तिथि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा है। नई दिल्ली के अनुसार पूर्णिमा रविवार, 21 मार्च 2027 को 18:22 बजे आरंभ होकर सोमवार, 22 मार्च 2027 को 16:14 बजे समाप्त होगी।
शुभ मुहूर्त क्या है?
क्या शहर के अनुसार समय बदलेगा?
हां, सूर्योदय और सूर्यास्त के कारण समय शहर के अनुसार बदल सकता है।
क्या व्रत करना चाहिए?
परिवार और संप्रदाय की परंपरा के अनुसार व्रत रखें।
पूजा में क्या करें?
संकल्प, दीप, पुष्प, नैवेद्य, मंत्र जप और आरती करें।
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