Dussehra (Vijayadashami) 2027: Celebrate Rama's Victory & Durga's Triumph
Witness the dawn of dharma over adharma as we burn Ravana's effigies and worship the divine weapons on Dussehra 2027.
Dussehra (Vijayadashami) 2027 celebrates Lord Rama's victory over Ravana and Goddess Durga's triumph over the buffalo demon Mahishasura. Observed on 9 October (Saturday), this festival marks the end of Navaratri with grand Ravana effigy burnings and Shastra Puja rituals.
Falling in शुभ समय Paksha tithi of Ashvina month, the festival occurs when the tithi transitions from शुभ समय to शुभ समय. The auspicious period (Abhijit Muhurta) runs from शुभ समय AM to शुभ समय PM for new ventures and rituals.
Widely celebrated as 'Bijoya Dashomi' in Bengal, the festival unites North India with processions, cultural performances, and the symbolic victory of righteousness. Regional traditions include lighting diyas and community feasts.
महत्व और शास्त्रीय आधार
दशहरा (विजयादशमी) हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है जो धर्म के विजय को दर्शाता है। रामायण के अनुसार, भगवान राम ने 10 दिन की लड़ाई के बाद रावण को वध किया था (स्लोक: 'रामो रावणं हनुमान्ते')। साथ ही, देवी दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। बृहत्पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार, यह दिन 'शत्रु विनाश' और 'अज्ञान पर ज्ञान की जीत' का प्रतीक है।
पूजा विधि
- शस्त्रों (खंडहनु, तलवार) को तिलक लगाकर पूजा करें।
- रावण के पुतले जलाएं और 'रावण दहन' का मंत्र जपें।
- अपारजीता फूल की तीलाक लगाकर लक्ष्मी-कुबेर को प्रार्थना करें।
- दुर्गा माता को हल्दी-कुमकुम से सजाएं और 'जय दुर्गे' जयकार करें।
- दान-पुण्य करें, विशेषकर ब्राह्मणों को भोजन दें।
- रामचरितमानस के पाठ का आयोजन करें।
शुभ मुहूर्त
2027 में अभिजित मुहूर्त शुभ समय से शुभ समय बजे (दृष्टा) के बीच है। राहु काल (शुभ समय-शुभ समय) में महत्वपूर्ण कार्यों से परहेज़ करें। इश्वरम एंजिन (स्विस एफेमेरिस, लहिरी अयन) के अनुसार, नवमी तिथि शुभ समय से शुभ समय तक रही है।
उपाय
- सूर्य पूजन: सुबह शुभ समय-शुभ समय बजे (काल चक्र) में तिल चढ़ाकर सूर्य को जल चढ़ाएं, यह शनि दोष निवारक है।
- ब्रह्मण भोज: दस भोजन (दशभोज) दान करें – फलों/मिठाइयों का दस प्रकार। फलदीपिका के अनुसार, यह धन और आयु बढ़ाता है।
- तुलसी दान: तुलसी के पौधे को नदी में बहाएं, यह मंगल दोष और राजनीतिक विवादों को दूर करता है।
व्रत
दशहरे पर उपवास अनिवार्य नहीं है, परंतु शास्त्रों में 'सात्विक भोजन' (लसुन-रसून रहित) का उल्लेख मिलता है।
क्षेत्रीय विविधताएँ
बंगाल में इसे 'बिजोया दशमी' कहते हैं और दुर्गा मूर्ति को विशेष पूजा से सजाया जाता है। उत्तर भारत में राम-सीता की प्रक्रिया निकालकर दहन किया जाता है। महाराष्ट्र में 'विजयादशमी' पर गोवर्धन पूजन भी होता है। गुजरात में 'गरबा' नृत्य के साथ उत्सव मनाया जाता है।
Frequently Asked Questions
2027 में दसरा (विजयादशमी) कब मनाया जाएगा?
दसरा 2027 में 9 अक्टूबर, शनिवार को मनाया जाएगा। यह तिथि अश्विन माह की नवमी को पड़ती है।
दसरा का क्या महत्व है?
यह त्योहार रामायण में भगवान राम के रावण पर विजय और देवी दुर्गा के महिषासुर पर विजय को समर्पित है। यह धर्म की जीत का प्रतीक है (स्रोत: द्रिकपंचांग.कॉम)
दसरा पर क्या रीति-रिवाज होते हैं?
रावण के पुतले जलाने, शस्त्र पूजा (हथियारों की पूजा), अपरजिता फूल से तिलक लगाने और नए उद्यमों की शुरुआत करना प्रमुख रीति हैं।
दसरा पूजा के लिए कौन-सी चीज़ें चाहिए?
हथियार/शस्त्र, अपरजिता फूल, रावण के पुतले, चावल, हल्दी और पूजा की पारंपरिक वस्तुएं आवश्यक मानी जाती हैं।
क्या दसरा पर व्रत रखना चाहिए?
नहीं, दसरा पर विशेष रूप से व्रत का नियम नहीं है। हालाँकि नवरात्रि के दौरान कुछ लोग उपवास करते हैं।
दसरा की शुभ मुहूर्त कब है?
अभिजीत मुहूर्त सुबह शुभ समय से शुभ समय तक है। यह समय नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है (स्रोत: ब्रह्मोत्सव)
दसरा और दुर्गा पूजा में क्या अंतर है?
दसरा मुख्य रूप से रामायण और रावण पर केंद्रित है, जबकि दुर्गा पूजा देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जुड़ी है। दोनों अलग-अलग क्षेत्रों में प्रमुखता से मनाए जाते हैं।
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