दशहरा (विजयादशमी) 2026: तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त
दशहरा (विजयादशमी) के लिए तारीख, तिथि और मुहूर्त engine-computed facts से दिखाए गए हैं।
दशहरा (विजयादशमी) 2026 में 2026-10-20, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह पेज तारीख, तिथि और पूजा समय को fact pack और Ishvaram astrology engine से लेकर दिखाता है।
इस पर्व की मुख्य तिथि शुभ समय है। स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और पंचांग के कारण शहर के अनुसार समय बदल सकता है।
परिवार अपनी परंपरा के अनुसार पूजा, व्रत और दान करते हैं। क्षेत्रीय नाम और रीति-रिवाज: Bijoya Dashomi (Bengal), Vijayadashami।
महत्व और शास्त्रीय आधार
Marks the end of Navratri. Celebrates Lord Rama's victory over Ravana after 10 days of battle. Also the day Goddess Durga slew Mahishasura. Symbolizes the victory of dharma over adharma.
पूजा विधि
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान तैयार करें।
- दीपक जलाकर गणेश वंदना और संकल्प करें।
- Perform Shastra Puja (worship of weapons and tools). Burn Ravana effigies. Apply tilak of Aparajita (butterfly pea) flower. This is the most auspicious day to begin new ventures, journeys, and learning.
- नैवेद्य, पुष्प और जल अर्पित करें।
- मंत्र जप, आरती और परिवार के साथ प्रसाद वितरण करें।
- शक्ति अनुसार दान करें और स्थानीय परंपरा का पालन करें।
शुभ मुहूर्त
दशहरा (विजयादशमी) के लिए प्रमुख समय: Abhijit Muhurta: शुभ समय-शुभ समय। शहर बदलने पर sunrise/sunset आधारित समय बदल सकता है।
उपाय
- संकल्प: पूजा से पहले स्पष्ट संकल्प करें और परिवार की मंगल कामना रखें।
- दान: अन्न, वस्त्र या दक्षिणा अपनी क्षमता के अनुसार दें।
- मंत्र जप: इष्ट देवता के नाम का शांत मन से जप करें।
व्रत
इस दिन अनिवार्य व्रत सभी परंपराओं में नहीं है।
क्षेत्रीय विविधताएँ
क्षेत्रीय परंपराएं परिवार और पंथ के अनुसार बदलती हैं। प्रमुख नाम/रूप: Bijoya Dashomi (Bengal), Vijayadashami।
Frequently Asked Questions
दशहरा (विजयादशमी) 2026 कब है?
दशहरा (विजयादशमी) 2026-10-20, मंगलवार को है।
दशहरा (विजयादशमी) की तिथि क्या है?
मुख्य तिथि शुभ समय है।
शुभ मुहूर्त क्या है?
Abhijit Muhurta: शुभ समय-शुभ समय
क्या शहर के अनुसार समय बदलेगा?
हां, सूर्योदय और सूर्यास्त के कारण समय शहर के अनुसार बदल सकता है।
क्या व्रत करना चाहिए?
परिवार और संप्रदाय की परंपरा के अनुसार व्रत रखें।
पूजा में क्या करें?
संकल्प, दीप, पुष्प, नैवेद्य, मंत्र जप और आरती करें।
क्या यह तारीख computed है?
तारीख और समय Ishvaram fact pack और astrology engine से लिए गए हैं।
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