Shubh Muhurat
शुभ मुहूर्त
Wednesday, 4 November 2026
Rahu Kaal, Yamagandam & auspicious timings for New Delhi
मुहूर्त वह शुभ समय है जो विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार या यात्रा जैसे महत्वपूर्ण कार्य के आरंभ के लिए चुना जाता है। ज्योतिष इसे उस दिन और स्थान के पंचांग के 5 अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — को परखकर निकालता है, और राहु काल जैसे अशुभ समय को छोड़ देता है।
सूर्योदय के समय पंचांग
घंटेवार मुहूर्त (सूर्योदय से सूर्यास्त)
अगला चरण
मुहूर्त रिपोर्ट में अपना निजी शुभ समय पाएँ
उद्देश्य, कुंडली, दशा का दबाव, टालने वाले समय, संकल्प और पूजा की सूची एक योजना में पाएँ।
आपकी पूरी रिपोर्ट में खुलता है
आपके कार्य के लिए श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त
चौघड़िया, अभिजित और बचने का समय
आपका संकल्प और उपाय का समय
जन्म विवरण भरने के लिए टैप करें →
कार्य अनुसार मुहूर्त गाइड
कार्य अनुसार मुहूर्त गाइड
अन्य मुफ्त ज्योतिष कैलकुलेटर
मुफ़्त कुंडली विश्लेषण
आपकी कुंडली बार-बार वही जवाब क्यों दिखा रही है?
अंदाज़े से नहीं, अपनी कुंडली से पूछें। समस्या के पीछे का ग्रह और जीवन के लिए सही उपाय देखें।
अपनी कुंडली से पूछें: मेरी कुंडली पढ़कर इस पैटर्न का सच बताइए।
आपकी कुंडली क्या दिखाएगी
- कौन-सा ग्रह पैटर्न के दोहराने की वजह बताता है।
- अभी कौन-सी दशा या दोष सबसे सक्रिय है।
- एक और अंदाज़े के बजाय कौन-सा उपाय अगला कदम देता है।
बिल्कुल मुफ़्त · बिना लॉगिन
शुभ मुहूर्त क्या है?
शुभ मुहूर्त वैदिक ज्योतिष की वह अवधारणा है जिसमें दिन के विशिष्ट समय को महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अनुकूल या प्रतिकूल माना जाता है। यह पंचांग — हिंदू कैलेंडर के पाँच अंगों: तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के विश्लेषण से निर्धारित होता है।
राहु काल सबसे व्यापक रूप से पालन किया जाने वाला अशुभ काल है। यह प्रतिदिन लगभग 1.5 घंटे का होता है और राहु द्वारा शासित है — वह छाया ग्रह जो बाधाओं और विलंब से जुड़ा है। अधिकांश हिंदू राहु काल में नया कार्य, अनुबंध या यात्रा आरंभ करने से बचते हैं।
यमगंड काल यम (मृत्यु के देवता) द्वारा शासित एक और अशुभ काल है। गुलिक काल (शनि द्वारा शासित) भी शुभ कार्यों के लिए वर्जित है। राहु काल के साथ ये तीनों प्रतिदिन की प्रमुख अशुभ अवधियाँ हैं जिनसे बचना चाहिए।
हमारा कैलकुलेटर Swiss Ephemeris की वास्तविक ग्रह स्थिति का उपयोग करके प्रत्येक घंटे का सटीक पंचांग गणना करता है, जिससे आपको दिन भर के शुभ और अशुभ समय की सटीक जानकारी मिलती है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, व्यापार आरंभ या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले मुहूर्त अवश्य देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राहु काल प्रतिदिन बदलता है क्या?
हाँ, राहु काल का समय प्रत्येक वार (दिन) के अनुसार बदलता है। सोमवार, मंगलवार, बुधवार आदि प्रत्येक दिन राहु काल अलग-अलग समय पर आता है। साथ ही, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार राहु काल की अवधि मौसम और स्थान के साथ भी बदलती है। इसलिए सटीक गणना के लिए अपने स्थान और तिथि के अनुसार देखना आवश्यक है।
क्या राहु काल में पूजा कर सकते हैं?
राहु काल में नए कार्य आरंभ करना वर्जित माना जाता है, लेकिन चल रही नियमित पूजा, जप और ध्यान जारी रखने में कोई बाधा नहीं है। कुछ परंपराओं में राहु काल को राहु की पूजा और दुर्गा मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से उपयुक्त भी माना जाता है। मुख्य नियम यह है कि नया व्यापार, यात्रा या महत्वपूर्ण समझौता राहु काल में न करें।