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चंद्र महादशा में चंद्र अंतर्दशा: 10 महीने के फल और उपाय

चंद्र महादशा की पहली अंतर्दशा स्वयं चंद्र की होती है, जो 10 महीने चलती है। मन, माता, घर व स्वास्थ्य पर इसका फल और चंद्र बल जाँचने का तरीका जानें।

एक नज़र में

Antardasha duration10 महीने
Mahadasha total years10

विंशोत्तरी पद्धति में हर महादशा की पहली अंतर्दशा उसी ग्रह की होती है, इसलिए चंद्र महादशा का आरंभ चंद्र अंतर्दशा से होता है। दशा और अंतर्दशा दोनों का स्वामी एक ही ग्रह होने से मन, माता, घर और भावनात्मक सुरक्षा जैसे चंद्र के विषय इन महीनों में सबसे अधिक मुखर रहते हैं। जब दोनों स्वामी एक ही ग्रह हों तो मित्रता या शत्रुता का प्रश्न नहीं उठता; फल लगभग पूरी तरह जन्मकुंडली में चंद्रमा के बल पर टिकता है। पराशर के अनुसार सूर्य और बुध चंद्रमा के मित्र हैं और वह किसी ग्रह को शत्रु नहीं मानता। चंद्रमा वृषभ में उच्च, वृश्चिक में नीच और कर्क में स्वराशि का होता है। पक्ष बल यहाँ विशेष निर्णायक है: पूर्णिमा के निकट का शुक्ल पक्षीय चंद्रमा शुभ ग्रह की तरह फल देता है, जबकि अमावस्या के निकट का क्षीण चंद्रमा पापी माना जाता है।

चंद्र महादशा कुल 10 वर्ष की होती है। अंतर्दशा का सूत्र है: महादशा के वर्ष × अंतर्दशा ग्रह के वर्ष ÷ 120। यहाँ 10 × 10 ÷ 120 = 0.8333 वर्ष, अर्थात वर्ष का पाँच-छठा भाग, जो ठीक 10 महीने बनता है। सौर वर्ष के दिनों में यह लगभग 304 दिन है, इसलिए कुछ गणनाएँ इसे 10 महीने 4 दिन के रूप में दिखाती हैं। इसके बाद मंगल की अंतर्दशा आती है, जो 10 × 7 ÷ 120 = 7 महीने की होती है। जिनका जन्म रोहिणी, हस्त या श्रवण नक्षत्र में होता है, उनका जीवन चंद्र महादशा से शुरू होता है; ऐसे में यह अंतर्दशा या तो शैशव में बीतती है या जन्म से पहले ही पूरी हो चुकी होती है। अन्य नक्षत्रों में जन्मे लोगों के जीवन में यह तभी आती है जब दशा-क्रम में सूर्य महादशा पूरी होकर चंद्र महादशा शुरू होती है।

जीवन के क्षेत्रों पर संभावित फल

अपनी कुंडली में कैसे जाँचें

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महादशा को कैसे समझें

महादशा जीवन की मुख्य समय-धारा दिखाती है, लेकिन परिणाम केवल महादशा स्वामी के नाम से तय नहीं होते। जन्मकुंडली में ग्रह की राशि, भाव, दृष्टि, युति, बल, नक्षत्र और भाव स्वामित्व देखें। फिर अंतरदशा स्वामी के साथ उसका संबंध जोड़ें।

अंतरदशा वही विषय तेज करती है जो महादशा ने खोला है। शुभ फल तब साफ दिखते हैं जब दोनों ग्रह कुंडली में सहायक हों और गोचर भी उसी क्षेत्र को बल दे। कठिन फल तब बढ़ते हैं जब दशा स्वामी कमजोर, पीड़ित या अशुभ भावों से जुड़ा हो।

तारीख, विवाह, नौकरी, संतान, धन या स्वास्थ्य जैसे निर्णयों के लिए व्यक्तिगत जन्म विवरण जरूरी है। यह पेज प्रणाली, अर्थ और सावधानियाँ समझाता है; सटीक आरंभ-अंत तिथि, दशा संतुलन और उपाय जन्म समय से ही निकाले जाते हैं।

प्रकाशक: इशवरम। इस पेज पर दी गई सभी तिथियाँ, समय और गणनाएँ इशवरम के गणना इंजन से आती हैं — किसी AI से नहीं। उनका अर्थ समझाने वाली भाषा मशीन की मदद से लिखी गई है, ताकि हर कुंडली की व्याख्या आपकी अपनी भाषा में उसी समय मिल सके; इसे नियमों से जाँचा जाता है, हर पृष्ठ को कोई व्यक्ति अलग से नहीं पढ़ता। हमारी पूरी पद्धति देखें

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