Skip to content
Ishvaram

सूर्य (Surya) · माणिक्य

माणिक (Ruby) — सूर्य (Surya) रत्न

क्यों मेहनत के बावजूद पहचान नहीं मिलती? क्यों अधिकारी हमेशा बाधा डालते हैं? क्यों आत्मविश्वास अचानक टूट जाता है? वैदिक ज्योतिष में कमज़ोर सूर्य यही पैटर्न बनाता है। वैदिक उपाय: माणिक (माणिक्य), सूर्य का रत्न।

माणिक धारण विधि — संक्षिप्त जानकारी

संस्कृत नाम

माणिक्य

ग्रह

सूर्य (Surya)

धातु

22 कैरेट सोना

वज़न (रत्ती)

3 से 5 रत्ती (2.7–4.5 कैरेट)

दिन

रविवार — सूर्योदय के एक घंटे के भीतर

उंगली

दाहिने हाथ की अनामिका (Ring finger)

सूर्य (Surya) बीज मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः (108 बार)

माणिक कौन पहने?

माणिक तब पहनते हैं जब सूर्य लग्न स्वामी हो (सिंह लग्न), सूर्य उच्च का हो (मेष राशि में), या सूर्य महादशा/अंतर्दशा चल रही हो। सूर्य आत्मा, पिता, करियर अधिकार, सरकार, नेत्र और रीढ़ का कारक है।

माणिक किसे बलशाली बनाता है

आत्मविश्वास, करियर में अधिकार, पिता संबंध, सरकारी कृपा, नेत्र स्वास्थ्य

धारण विधि — माणिक कैसे पहनें

  1. शनिवार की रात माणिक की अंगूठी को कच्चे दूध या गंगाजल में भिगोएं।
  2. रविवार को सूर्योदय से पहले उठें (ब्रह्म मुहूर्त)।
  3. अंगूठी को पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, चीनी) से शुद्ध करें।
  4. पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। घी का दीपक जलाएं।
  5. अंगूठी को दोनों हथेलियों में लेकर 108 बार जपें: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
  6. दाहिने हाथ की अनामिका में पहनें और उगते सूर्य को सूर्य नमस्कार करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न — माणिक

माणिक रत्न कौन पहन सकता है?

माणिक सिंह लग्न के लिए सबसे लाभकारी है क्योंकि सूर्य उनका लग्न स्वामी है। मेष और धनु लग्न के लिए भी उपयुक्त है जहाँ सूर्य त्रिकोण भाव का स्वामी है। सूर्य महादशा में कोई भी लग्न का व्यक्ति माणिक से लाभ उठा सकता है। वृषभ, तुला, मकर और कुंभ लग्न के लिए माणिक हानिकारक हो सकता है — ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें।

माणिक किस उंगली में पहनें?

माणिक दाहिने हाथ की अनामिका (Ring finger) में पहना जाता है। यह उंगली सूर्य की ऊर्जा चैनल से जुड़ी है। बाएं हाथ में या अन्य उंगलियों में पहनने से ग्रहीय ऊर्जा बदल जाती है।

माणिक किस धातु में जड़वाएं?

माणिक 22 कैरेट सोने में जड़वाना चाहिए। सोना सूर्य की धातु है और माणिक के साथ मिलकर सर्वोत्तम सौर तरंग उत्पन्न करता है। चांदी (चंद्र की धातु) में माणिक नहीं जड़वाएं — यह सूर्य-चंद्र की विरोधी ऊर्जा बनाता है। रत्न त्वचा को स्पर्श करना चाहिए।

अन्य ग्रह रत्न देखें

स्रोत: बृहत् संहिता (वराहमिहिर, अध्याय 80), गर्ग होरा, होरा सार (पृथुयशस)।

Jyotishi se poochhein