वैदिक ज्योतिष · योग
योग गाइड
योग कुंडली के वे संयोजन हैं जिनमें कई ग्रह मिलकर एक विशेष फल की दिशा बनाते हैं। कोई योग नेतृत्व, धन, विद्या, सुरक्षा या वैराग्य की ओर संकेत कर सकता है, पर उसका वास्तविक फल ग्रह के बल, भाव, दशा और भंग की स्थिति पर निर्भर करता है।
योग का नाम फल तय नहीं करता
किसी योग का नाम सुनकर निष्कर्ष निकालना सबसे आम भूल है। वही राजयोग एक कुंडली में प्रबल हो सकता है और दूसरी में लगभग निष्क्रिय, क्योंकि उसे बनाने वाले ग्रह किस राशि और भाव में हैं, यह अलग-अलग होता है।
इसलिए योग को हमेशा तीन बातों के साथ पढ़ें — बनाने वाले ग्रहों का बल, वह भाव जिससे योग जुड़ा है, और वह दशा जिसमें वह सक्रिय होगा। इनमें से कोई एक कमजोर हो तो फल भी उसी अनुपात में घटता है।
योग कब फल देता है
एक योग जन्म से कुंडली में मौजूद रहता है, पर वह अपने आप हर समय फल नहीं देता। सामान्यतः वह तब सक्रिय होता है जब उसे बनाने वाले ग्रह की महादशा या अंतर्दशा चलती है, या गोचर में वही ग्रह संबंधित भाव को स्पर्श करता है।
भंग की स्थिति भी देखें — कुछ योग किसी एक ग्रह की नीच स्थिति, अस्त होने या पाप प्रभाव से क्षीण हो जाते हैं। नीचे दिए गए पृष्ठ हर योग की संरचना, बल की शर्तें और भंग की स्थिति अलग-अलग समझाते हैं।
संबंधित ज्योतिष टूल
इस पेज को अकेले न पढ़ें। जन्म कुंडली, पंचांग, दशा और मुहूर्त के साथ मिलाने पर परिणाम अधिक उपयोगी होते हैं।
Free AI Jyotish
Aapki kundali baar-baar wahi answer kyun dikha rahi hai?
Guess se nahi, apni kundali se poochhein. Problem ke peeche ka graha aur life ke liye sahi upay dekhein.
Apni kundali se poochhein: Meri kundali padhkar is pattern ka sach batayein.
Aapki kundali kya dikhayegi
- Kaunsa graha pattern repeat hone ki wajah batata hai.
- Abhi kaunsi dasha ya dosha sabse active hai.
- Ek aur guess ke bajaye kaunsa upay agla step deta hai.
Bilkul free · bina login