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Ishvaram

आज का पंचांग

आज का पंचांग

शनिवार, 19 सितंबर 2026

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और राहु काल — Silchar के लिए

सटीक वैदिक गणनाप्रतिदिन अद्यतन100% निःशुल्क
Tithi
AshtamiShukla Paksha · Tithi 8upto 15:28
Nakshatra
Moon in (धनु)upto 01:43
Sunrise
05:10
Sunset
17:15
Moonrise
12:16
Moonset
23:06
Moon Rashi
Sun Rashi
Lagna
Paksha
Shukla

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Swiss Ephemeris se ganit, Lahiri ayanamsa - vahi vidhi jo paramparik panditji istemaal karte hain.

Birth details come first. Checkout opens after the chart has the inputs needed for your report.

इस पंचांग की गणना कैसे होती है?+
चुना हुआ स्थान
सिलचर
गणना की तारीख
2026-09-19
स्थानीय समय क्षेत्र
Asia/Kolkata
गणना के निर्देशांक (अक्षांश, देशांतर)
24.8333, 92.7789

यहाँ चुनी हुई तारीख के स्थानीय सूर्योदय पर लागू तिथि और नक्षत्र दिखाए गए हैं। ये दिन में बदल सकते हैं; समाप्ति का समय अगले बदलाव को दर्शाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलती है, पर घड़ी का स्थानीय समय अलग होता है। इसलिए सूर्योदय पर लागू तिथि अलग-अलग स्थानों में भिन्न हो सकती है।

तिथि — चंद्र दिवस

सूर्य से चंद्रमा की कोणीय दूरी के हर 12° का अंतराल एक तिथि है। तिथि किसी भी समय शुरू या समाप्त हो सकती है; इसकी अवधि हमेशा 24 घंटे नहीं होती।

नक्षत्र — चंद्रमा की स्थिति

निरयन राशि चक्र को 27 बराबर भागों में बाँटा जाता है। सूर्योदय पर चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही नक्षत्र यहाँ दिखाया जाता है।

गणना की विधि

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति Swiss Ephemeris से निकाली जाती है। राशि और नक्षत्र के लिए लाहिड़ी अयनांश सहित निरयन राशि चक्र का उपयोग होता है। अयनांश सायन और निरयन स्थितियों के बीच का समायोजन है।

खगोलीय गणना और पारंपरिक मार्गदर्शन

खगोलीय स्थितियाँ और उदय-अस्त के समय खगोल गणना से आते हैं। राहु काल और शुभ मुहूर्त का निर्धारण इन समयों पर ज्योतिष के पारंपरिक नियम लागू करके होता है; ये व्यक्तिगत परिणामों की वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं हैं।

समय की सीमाएँ

सूर्योदय या सूर्यास्त की गणना उपलब्ध न होने पर अनुमानित समय लिया जा सकता है। इस परिणाम में यह नहीं बताया जाता कि अनुमानित समय लिया गया है या नहीं। चंद्रोदय या चंद्रास्त का समय खाली होने का अर्थ है कि समय उपलब्ध नहीं है; इससे यह साबित नहीं होता कि उस दिन चंद्रमा का उदय या अस्त नहीं होता।

Swiss Ephemeris गणना संदर्भ
Yoga
Ayushmanupto 14:29
Karana
Bava

Auspicious & Inauspicious Periods

Rahu Kaal
08:1109:42
Yamaghanta
12:4314:14
Gulika Kaal
05:1006:41
Brahma Muhurat ✓
03:3404:22
Amrit Kaal ✓
18:3120:19
Abhijit Muhurta ✓
10:4811:37
Planetary Positions+
सूर्य
1.8°
चंद्र
3.2°
मंगल
0.3°
बुध
19.2°
गुरु
23.1°
शुक्र
10.7°
शनि
18.3°R
राहु
4.1°R
केतु
4.1°R
संवत और काल गणनापराभव
संवत्सरपराभव (40/60)
अयनदक्षिणायन
ऋतुशरद
गोलYamya
सौर मासKanya
संवतवर्षनववर्ष
विक्रम संवत2083Chaitra Shukla Pratipada
शक संवत1948Chaitra Shukla Pratipada
गुजराती संवत2082Kartika Shukla Pratipada
कलि संवत5128Chaitra Shukla Pratipada
बंगाब्द1433Mesha Sankranti (Pohela Boishakh)
दिशा, वास और काल विभाग
दिशा शूल (बचें)East
राहु वासEast
चंद्र वासEast
अग्नि वासPatal
शिव वासShmashan
आनंदादि योगGada
दिनमान12.09 h
रात्रिमान11.92 h
मध्याह्न10:00 – 12:25
प्रातः संध्या04:22 – 05:10
सायं संध्या17:15 – 18:04
गोधूलि16:51 – 17:39
विजय मुहूर्त13:13 – 14:02
निशीथ मुहूर्त22:49 – 23:37
ताराबल और चंद्रबल15 नक्षत्र अनुकूल

अपना जन्म नक्षत्र और राशि नीचे देखें।

पंचकराज पंचक

अनुकूल

नक्षत्र: Bharani (Parama Mitra), Krittika (Mitra), Mrigashira (Sadhaka), Punarvasu (Kshema), Ashlesha (Sampat), Purva Phalguni (Parama Mitra), Uttara Phalguni (Mitra), Chitra (Sadhaka), Vishakha (Kshema), Jyeshtha (Sampat), Purva Ashadha (Parama Mitra), Uttara Ashadha (Mitra), Dhanishta (Sadhaka), Purva Bhadrapada (Kshema), Revati (Sampat)

राशि: mithun, kark, tula, dhanu, kumbh, meen

मिश्रित

नक्षत्र: Ashwini (Janma), Magha (Janma), Moola (Janma)

राशि: mesh, singh, vrishchik

प्रतिकूल

नक्षत्र: Rohini (Vadha), Ardra (Pratyari), Pushya (Vipat), Hasta (Vadha), Swati (Pratyari), Anuradha (Vipat), Shravana (Vadha), Shatabhisha (Pratyari), Uttara Bhadrapada (Vipat)

राशि: vrishabh, kanya, makar

सिलचर का पंचांग उस दिन का हिंदू पंचांग है, जो शहर के अपने सूर्योदय, सूर्यास्त और अक्षांश-देशांतर से गणना किया जाता है। यह पाँच अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — को मिलाकर दिन की प्रकृति बताता है और पूजा, व्रत तथा शुभ कार्यों का समय चुनने में सहायता करता है।

सिलचर पंचांग — Silchar Panchang

State

Assam

Sunrise Range

4:33–6:09 AM

Coordinates

24.83°N, 92.78°E

ISKCON Silchar in Ambikapatty is the city's most prominent active temple, dedicated to Lord Krishna and a major pilgrimage draw in the Barak Valley. Panchang, choghadiya, and rahu kaal timings are computed for Silchar's exact coordinates.

सिलचर का सौर वर्ष — सूर्योदय, सूर्यास्त और दिनमान

सिलचर में सबसे लंबा दिन 13घं 32मि (जून) और सबसे छोटा 10घं 28मि (दिसम्बर) का होता है — वर्ष भर का अंतर 3घं 04मि. सौर मध्याह्न घड़ी के 12:00 से −41मि पर पड़ता है, क्योंकि सिलचर 92.78°E पर है, IST की 82.5°E मध्यरेखा पर नहीं. इस पृष्ठ की तिथि, नक्षत्र और राहु काल की गणना इसी सूर्योदय से होती है.

सिलचर में सूर्योदय, सूर्यास्त और दिनमान — हर माह की 15 तारीख़, 2026 (स्विस एफ़ेमेरिस, 24.83°N 92.78°E)
महीनासूर्योदयसूर्यास्तदिनमानसौर मध्याह्नबदलाव
जनवरी06:0916:4710घं 38मि11:28
फ़रवरी05:5717:0911घं 12मि11:33+34मि
मार्च05:3217:2411घं 52मि11:28+40मि
अप्रैल05:0117:3712घं 36मि11:19+44मि
मई04:3917:5213घं 13मि11:15+37मि
जून04:3318:0513घं 32मि11:19+19मि
जुलाई04:4318:0713घं 24मि11:25−8मि
अगस्त04:5717:5012घं 53मि11:23−31मि
सितम्बर05:0917:1912घं 11मि11:14−42मि
अक्टूबर05:2116:4911घं 28मि11:05−43मि
नवम्बर05:3916:2810घं 49मि11:03−39मि
दिसम्बर06:0016:2810घं 28मि11:14−21मि

सिलचर के आसपास कौन से स्थान यही पंचांग समय पढ़ सकते हैं

Hailakandi सिलचर से 28 कि.मी. दक्षिण-पश्चिम है और वहाँ सूर्योदय 0मि से +1मि पर पड़ता है, इसलिए इस पंचांग की सूर्योदय पंक्ति वहाँ उतनी ही खिसकती है। नीचे दर्ज सभी स्थानों में यह अंतर −6मि से +6मि तक रहता है और कुछ स्थानों पर हर दिन-अवधि की लंबाई एक मिनट तक बदल जाती है।

सिलचर के 150 कि.मी. के भीतर दर्ज स्थान और उनका अपना सूर्योदय — 2026 के बारह मासिक नमूनों से (स्रोत: GeoNames geographical database (CC BY 4.0), समय स्विस एफ़ेमेरिस से)
आसपास का स्थानदूरीदिशासूर्योदय अंतरअवधि की लंबाई
Hailakandi28 कि.मी.दक्षिण-पश्चिम0मि से +1मिसमान
Karimganj43 कि.मी.पश्चिम+1मि से +2मिसमान
Haflong44 कि.मी.उत्तर-पूर्व−2मि से 0मिसमान
Kolasib69 कि.मी.दक्षिण−1मि से +2मिसमान
Dharmanagar81 कि.मी.दक्षिण-पश्चिम+1मि से +4मिसमान
Jowai89 कि.मी.उत्तर-पश्चिम+1मि से +4मिसमान
Kailashahar96 कि.मी.दक्षिण-पश्चिम+2मि से +4मिसमान
Churachandpur106 कि.मी.दक्षिण-पूर्व−5मि से −2मिसमान
Nambol106 कि.मी.पूर्व−5मि से −4मिसमान
Lumding Railway Colony109 कि.मी.उत्तर−4मि से +1मिसमान
Mayang Imphal115 कि.मी.पूर्व−5मि से −4मिसमान
Imphal118 कि.मी.पूर्व−5मि से −4मिसमान
Nongthymmai120 कि.मी.उत्तर-पश्चिम+2मि से +5मिसमान
Laitumkhrah121 कि.मी.उत्तर-पश्चिम+2मि से +5मिसमान
Shella121 कि.मी.पश्चिम+4मि से +6मिसमान
Keirao Bitra122 कि.मी.पूर्व−5मि से −4मिसमान
Shillong122 कि.मी.उत्तर-पश्चिम+2मि से +5मिसमान
Aizawl123 कि.मी.दक्षिण−2मि से +3मि−1मि से +1मि
Lanka123 कि.मी.उत्तर−3मि से +2मि0मि से +1मि
Thoubal125 कि.मी.पूर्व−6मि से −4मिसमान

सिलचर पंचांग के पाँच अंग

पारंपरिक पंचांग (अर्थात् “पाँच अंग”) में पाँच आवश्यक तत्व होते हैं जो सिलचर में किसी भी कार्य की शुभता निर्धारित करते हैं:

तिथि

चंद्र दिवस — सूर्य और चंद्रमा के बीच का कोणीय संबंध। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ।

नक्षत्र

चंद्र गृह — वह तारामंडल जिसमें चंद्रमा स्थित है। चंद्र राशिचक्र में 27 नक्षत्र।

योग

सूर्य और चंद्र देशांतर का संयोग। विष्कम्भ से वैधृति तक 27 योग।

करण

आधी तिथि — 11 करण होते हैं, जो एक चंद्र मास में 60 करणों के रूप में चक्र पूरा करते हैं।

वार

सप्ताह का दिन, प्रत्येक एक ग्रह द्वारा शासित (रविवार=सूर्य से शनिवार=शनि तक)।

सिलचर के त्योहार और पंचांग

सिलचर के प्रमुख त्योहार — — हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर से निर्धारित होते हैं। त्योहारों की तिथियाँ हर वर्ष बदलती हैं क्योंकि चंद्र कैलेंडर सौर कैलेंडर के सापेक्ष खिसकता है। ऊपर दिया पंचांग आज की तिथि और नक्षत्र दिखाता है, जिससे आप आने वाले त्योहारों का अनुमान लगा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

सिलचर के लिए आज का पंचांग कैसे निकाला जाता है?

सिलचर (Silchar) का पंचांग Swiss Ephemeris से Silchar के सटीक अक्षांश-देशांतर (Assam) के अनुसार गणना किया जाता है। Silchar में सूर्योदय ऋतु के अनुसार 4:33–6:09 AM के बीच रहता है, जो प्रत्येक तिथि की शुरुआत को प्रभावित करता है। पंचांग में आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और ग्रह स्थिति — सब Silchar के स्थानीय समय के अनुसार दिखाई जाती है।

क्या Hailakandi जैसे आसपास के नगर सिलचर का पंचांग समय उपयोग कर सकते हैं?

लगभग — थोड़े अंतर के साथ। Hailakandi सिलचर से 28 कि.मी. दक्षिण-पश्चिम है और वहाँ सूर्योदय 0मि से +1मि पर पड़ता है, इसलिए इस पंचांग की सूर्योदय पंक्ति वहाँ उतनी ही खिसकती है। सिलचर के 150 कि.मी. के भीतर दर्ज स्थानों में यह अंतर वर्ष भर −6मि से +6मि के बीच रहता है — ऊपर की आसपास-स्थान तालिका देखें। जिस नगर का अंतर कुछ मिनटों से अधिक हो, वहाँ सिलचर का समय कॉपी करने के बजाय उसके अपने निर्देशांकों से गणना करें।

सिलचर का पंचांग समय अन्य शहरों से भिन्न क्यों होता है?

पंचांग का समय किसी स्थान की वास्तविक खगोलीय गणना पर आधारित होता है। Silchar का सूर्योदय (4:33–6:09 AM), देशांतर और अक्षांश तिथि, नक्षत्र और योग के आरंभ-अंत के सटीक समय को निर्धारित करते हैं। इसीलिए Silchar का पंचांग एक राष्ट्रीय औसत के बजाय शहर के अपने निर्देशांकों का उपयोग करता है।

सिलचर में पंचांग प्रतिदिन क्यों देखना चाहिए?

पंचांग प्रतिदिन बदलता है क्योंकि ग्रह निरंतर गतिमान हैं। Silchar में प्रत्येक दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और करण भिन्न होते हैं, जिससे उस दिन की शुभ-अशुभ प्रकृति तय होती है। प्रतिदिन पंचांग देखने से ज्ञात होता है कि कौन सा कार्य किस समय करना उचित है और किन समयों (जैसे राहु काल) से बचना है।

आसपास के शहरों का पंचांग

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