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Ishvaram

आज का पंचांग

आज का पंचांग

मंगलवार, 4 अगस्त 2026

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और राहु काल — Gwalior के लिए

सटीक वैदिक गणनाप्रतिदिन अद्यतन100% निःशुल्क
Tithi
ShashthiKrishna Paksha · Tithi 6upto 22:04
Nakshatra
Moon in (मीन)upto 21:54
Sunrise
05:48
Sunset
18:58
Moonrise
22:36
Moonset
10:46
Moon Rashi
Sun Rashi
Lagna
Paksha
Krishna

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Swiss Ephemeris se ganit, Lahiri ayanamsa - vahi vidhi jo paramparik panditji istemaal karte hain.

Birth details come first. Checkout opens after the chart has the inputs needed for your report.

Yoga
Dhritiupto 19:33
Karana
Gara

Auspicious & Inauspicious Periods

Rahu Kaal
15:4117:20
Yamaghanta
09:0610:44
Gulika Kaal
12:2314:02
Brahma Muhurat ✓
04:1205:00
Amrit Kaal ✓
19:3121:06
Abhijit Muhurta ✓
11:5712:50
Planetary Positions+
सूर्य
17.4°
चंद्र
21.0°
मंगल
0.9°
बुध
28.2°
गुरु
13.4°
शुक्र
2.9°
शनि
20.5°R
राहु
6.6°R
केतु
6.6°R
संवत और काल गणनापराभव
संवत्सरपराभव (40/60)
अयनदक्षिणायन
ऋतुवर्षा
गोलYamya
सौर मासKarka
संवतवर्षनववर्ष
विक्रम संवत2083Chaitra Shukla Pratipada
शक संवत1948Chaitra Shukla Pratipada
गुजराती संवत2082Kartika Shukla Pratipada
कलि संवत5128Chaitra Shukla Pratipada
बंगाब्द1433Mesha Sankranti (Pohela Boishakh)
दिशा, वास और काल विभाग
दिशा शूल (बचें)North
राहु वासSouth
चंद्र वासNorth
अग्नि वासPrithvi ✓
शिव वासVrishabha ✓
आनंदादि योगSiddhi
दिनमान13.17 h
रात्रिमान10.84 h
मध्याह्न11:04 – 13:42
प्रातः संध्या04:55 – 05:48
सायं संध्या18:58 – 19:51
गोधूलि18:32 – 19:25
विजय मुहूर्त14:35 – 15:28
निशीथ मुहूर्त00:02 – 00:45
ताराबल और चंद्रबल15 नक्षत्र अनुकूल

अपना जन्म नक्षत्र और राशि नीचे देखें।

पंचकराज पंचक

अनुकूल

नक्षत्र: Ashwini (Parama Mitra), Bharani (Mitra), Rohini (Sadhaka), Ardra (Kshema), Pushya (Sampat), Magha (Parama Mitra), Purva Phalguni (Mitra), Hasta (Sadhaka), Swati (Kshema), Anuradha (Sampat), Moola (Parama Mitra), Purva Ashadha (Mitra), Shravana (Sadhaka), Shatabhisha (Kshema), Uttara Bhadrapada (Sampat)

राशि: vrishabh, mithun, kanya, tula, makar, meen

मिश्रित

नक्षत्र: Ashlesha (Janma), Jyeshtha (Janma), Revati (Janma)

राशि: kark, vrishchik, kumbh

प्रतिकूल

नक्षत्र: Krittika (Vadha), Mrigashira (Pratyari), Punarvasu (Vipat), Uttara Phalguni (Vadha), Chitra (Pratyari), Vishakha (Vipat), Uttara Ashadha (Vadha), Dhanishta (Pratyari), Purva Bhadrapada (Vipat)

राशि: mesh, singh, dhanu

What is Panchang?+

Panchang(literally "five limbs") is the traditional Hindu calendar and almanac. It consists of five elements: Tithi (lunar day), Nakshatra (lunar mansion), Yoga (luni-solar combination), Karana (half of tithi), and Vara (weekday). It is used daily to determine auspicious timings for rituals, ceremonies, and important activities.

The Tithiis calculated from the angular distance between the Sun and Moon. Each 12 degrees of separation equals one tithi, giving 30 tithis in a lunar month — 15 in the waxing phase (Shukla Paksha) and 15 in the waning phase (Krishna Paksha).

Checking the daily panchang is an integral part of Hindu tradition. It helps in selecting muhurtas (auspicious moments) for starting new ventures, performing puja, fasting on specific tithis like Ekadashi, and understanding the planetary influences of the day.

Was today's Panchang accurate?

ग्वालियर पंचांग — Gwalior Panchang

State

Madhya Pradesh

Sunrise Range

5:29–7:10 AM

Coordinates

26.22°N, 78.18°E

Gwalior. Achaleshwar Mahadev Temple (inside the fort) and Scindia Kanya Vidyalaya Durga Mandir are major pilgrimage sites. Ram Navami and Navratri are Gwalior's major festivals. The city's royal Scindia family tradition kept classical Jyotish and muhurta practice alive through royal patronage, and this tradition continues in Gwalior's cultural life.

ग्वालियर का सौर वर्ष — सूर्योदय, सूर्यास्त और दिनमान

ग्वालियर में सबसे लंबा दिन 13घं 38मि (जून) और सबसे छोटा 10घं 22मि (दिसम्बर) का होता है — वर्ष भर का अंतर 3घं 16मि. सौर मध्याह्न घड़ी के 12:00 से +17मि पर पड़ता है, क्योंकि ग्वालियर 78.18°E पर है, IST की 82.5°E मध्यरेखा पर नहीं. इस पृष्ठ की तिथि, नक्षत्र और राहु काल की गणना इसी सूर्योदय से होती है.

ग्वालियर में सूर्योदय, सूर्यास्त और दिनमान — हर माह की 15 तारीख़, 2026 (स्विस एफ़ेमेरिस, 26.22°N 78.18°E)
महीनासूर्योदयसूर्यास्तदिनमानसौर मध्याह्नबदलाव
जनवरी07:1017:4310घं 32मि12:27
फ़रवरी06:5718:0611घं 09मि12:32+37मि
मार्च06:3118:2211घं 52मि12:26+43मि
अप्रैल05:5818:3712घं 39मि12:18+47मि
मई05:3518:5313घं 18मि12:14+39मि
जून05:2919:0713घं 38मि12:18+20मि
जुलाई05:3819:0813घं 30मि12:23−8मि
अगस्त05:5318:5012घं 56मि12:22−34मि
सितम्बर06:0718:1812घं 12मि12:12−44मि
अक्टूबर06:2017:4611घं 26मि12:03−46मि
नवम्बर06:4017:2410घं 44मि12:02−42मि
दिसम्बर07:0117:2310घं 22मि12:12−22मि

ग्वालियर के आसपास कौन से स्थान यही पंचांग समय पढ़ सकते हैं

Morar ग्वालियर से 4 कि.मी. पूर्व है और वहाँ सूर्योदय −1मि से 0मि पर पड़ता है, इसलिए इस पंचांग की सूर्योदय पंक्ति वहाँ उतनी ही खिसकती है। नीचे दर्ज सभी स्थानों में यह अंतर −3मि से +4मि तक रहता है और आठों दिन-अवधियों की लंबाई ग्वालियर जैसी ही रहती है, यानी अवधि छोटी-बड़ी नहीं होती, सिर्फ़ सीमा खिसकती है।

ग्वालियर के 150 कि.मी. के भीतर दर्ज स्थान और उनका अपना सूर्योदय — 2026 के बारह मासिक नमूनों से (स्रोत: GeoNames geographical database (CC BY 4.0), समय स्विस एफ़ेमेरिस से)
आसपास का स्थानदूरीदिशासूर्योदय अंतरअवधि की लंबाई
Morar4 कि.मी.पूर्व−1मि से 0मिसमान
Bamaur16 कि.मी.उत्तर-पश्चिम0मि से +1मिसमान
Gohad35 कि.मी.उत्तर-पूर्व−2मि से 0मिसमान
Morena36 कि.मी.उत्तर-पश्चिम0मि से +2मिसमान
Jora Khurd37 कि.मी.उत्तर-पश्चिम0मि से +2मिसमान
Jora40 कि.मी.पश्चिम+1मि से +2मिसमान
Dabra40 कि.मी.दक्षिण−2मि से 0मिसमान
Mau49 कि.मी.पूर्व−2मि से −1मिसमान
Indargarh51 कि.मी.दक्षिण-पूर्व−2मि से −1मिसमान
Mahgawan53 कि.मी.उत्तर-पूर्व−3मि से −1मिसमान
Gormi54 कि.मी.उत्तर-पूर्व−2मि से 0मिसमान
Porsa54 कि.मी.उत्तर−2मि से +1मिसमान
Ambah54 कि.मी.उत्तर−2मि से +1मिसमान
Kailaras57 कि.मी.पश्चिम+2मि से +3मिसमान
Seondha60 कि.मी.पूर्व−3मि से −2मिसमान
Dhaulpur61 कि.मी.उत्तर-पश्चिम0मि से +3मिसमान
Datia67 कि.मी.दक्षिण-पूर्व−2मि से 0मिसमान
Bhind72 कि.मी.उत्तर-पूर्व−3मि से −1मिसमान
Bari74 कि.मी.उत्तर-पश्चिम+1मि से +4मिसमान
Rajakhera76 कि.मी.उत्तर−2मि से +2मिसमान

ग्वालियर पंचांग के पाँच अंग

पारंपरिक पंचांग (अर्थात् “पाँच अंग”) में पाँच आवश्यक तत्व होते हैं जो ग्वालियर में किसी भी कार्य की शुभता निर्धारित करते हैं:

तिथि

चंद्र दिवस — सूर्य और चंद्रमा के बीच का कोणीय संबंध। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ।

नक्षत्र

चंद्र गृह — वह तारामंडल जिसमें चंद्रमा स्थित है। चंद्र राशिचक्र में 27 नक्षत्र।

योग

सूर्य और चंद्र देशांतर का संयोग। विष्कम्भ से वैधृति तक 27 योग।

करण

आधी तिथि — 11 करण होते हैं, जो एक चंद्र मास में 60 करणों के रूप में चक्र पूरा करते हैं।

वार

सप्ताह का दिन, प्रत्येक एक ग्रह द्वारा शासित (रविवार=सूर्य से शनिवार=शनि तक)।

ग्वालियर के त्योहार और पंचांग

ग्वालियर के प्रमुख त्योहार — Ram Navami, Navratri, Dussehra — हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर से निर्धारित होते हैं। त्योहारों की तिथियाँ हर वर्ष बदलती हैं क्योंकि चंद्र कैलेंडर सौर कैलेंडर के सापेक्ष खिसकता है। ऊपर दिया पंचांग आज की तिथि और नक्षत्र दिखाता है, जिससे आप आने वाले त्योहारों का अनुमान लगा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

ग्वालियर के लिए आज का पंचांग कैसे निकाला जाता है?

ग्वालियर (Gwalior) का पंचांग Swiss Ephemeris से Gwalior के सटीक अक्षांश-देशांतर (Madhya Pradesh) के अनुसार गणना किया जाता है। Gwalior में सूर्योदय ऋतु के अनुसार 5:29–7:10 AM के बीच रहता है, जो प्रत्येक तिथि की शुरुआत को प्रभावित करता है। पंचांग में आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और ग्रह स्थिति — सब Gwalior के स्थानीय समय के अनुसार दिखाई जाती है।

क्या Morar जैसे आसपास के नगर ग्वालियर का पंचांग समय उपयोग कर सकते हैं?

लगभग — थोड़े अंतर के साथ। Morar ग्वालियर से 4 कि.मी. पूर्व है और वहाँ सूर्योदय −1मि से 0मि पर पड़ता है, इसलिए इस पंचांग की सूर्योदय पंक्ति वहाँ उतनी ही खिसकती है। ग्वालियर के 150 कि.मी. के भीतर दर्ज स्थानों में यह अंतर वर्ष भर −3मि से +4मि के बीच रहता है — ऊपर की आसपास-स्थान तालिका देखें। जिस नगर का अंतर कुछ मिनटों से अधिक हो, वहाँ ग्वालियर का समय कॉपी करने के बजाय उसके अपने निर्देशांकों से गणना करें।

ग्वालियर का पंचांग समय अन्य शहरों से भिन्न क्यों होता है?

पंचांग का समय किसी स्थान की वास्तविक खगोलीय गणना पर आधारित होता है। Gwalior का सूर्योदय (5:29–7:10 AM), देशांतर और अक्षांश तिथि, नक्षत्र और योग के आरंभ-अंत के सटीक समय को निर्धारित करते हैं। इसीलिए Gwalior का पंचांग एक राष्ट्रीय औसत के बजाय शहर के अपने निर्देशांकों का उपयोग करता है।

ग्वालियर में पंचांग प्रतिदिन क्यों देखना चाहिए?

पंचांग प्रतिदिन बदलता है क्योंकि ग्रह निरंतर गतिमान हैं। Gwalior में प्रत्येक दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और करण भिन्न होते हैं, जिससे उस दिन की शुभ-अशुभ प्रकृति तय होती है। प्रतिदिन पंचांग देखने से ज्ञात होता है कि कौन सा कार्य किस समय करना उचित है और किन समयों (जैसे राहु काल) से बचना है।

आसपास के शहरों का पंचांग

Jyotishi se poochhein