ग्रह गोचर
शनि, गुरु, राहु, केतु और अन्य ग्रहों के वर्तमान गोचर को जन्म राशि, चंद्र राशि और दशा के संदर्भ में पढ़ें। बड़े गोचर लंबे समय तक असर देते हैं, इसलिए इन्हें दैनिक पंचांग और अपनी कुंडली के साथ मिलाकर देखना चाहिए।
आज का ग्रह गोचर
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे (भारतीय समय) की ग्रह स्थिति। चंद्रमा एक दिन में लगभग 13° चलता है, इसलिए उसकी राशि और नक्षत्र उसी दिन बाद में बदल सकते हैं।
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | गति | अगली राशि |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | तुला | 13.3° | स्वाति, तीसरा चरण | ||
| चंद्र | मिथुन | 19.2° | आर्द्रा, चौथा चरण | ||
| मंगल | कर्क | 23.8° | आश्लेषा, तीसरा चरण | मार्गी | |
| बुध | तुला | 23.4° | विशाखा, दूसरा चरण | वक्री | |
| गुरु | कर्क | 29.9° | आश्लेषा, चौथा चरण | मार्गी | 1 नवंबर 2026 से सिंह |
| शुक्र | तुला | 2.5° | चित्रा, तीसरा चरण | वक्री | 6 नवंबर 2026 से कन्या |
| शनि | मीन | 15.1° | उत्तर भाद्रपद, चौथा चरण | वक्री | 3 जून 2027 से मेष |
| राहु | कुंभ | 1.8° | धनिष्ठा, तीसरा चरण | 6 दिसंबर 2026 से मकर | |
| केतु | सिंह | 1.8° | मघा, पहला चरण | 6 दिसंबर 2026 से कर्क |
- अगली राशि की तारीख वह पहला दिन है जब सुबह 6 बजे (भारतीय समय) ग्रह नई राशि में मिलता है।
- गति केवल उन पाँच ग्रहों की दी गई है जो वक्री हो सकते हैं: सूर्य और चंद्र कभी वक्री नहीं होते, और ज्योतिष में राहु-केतु सदा वक्री माने जाते हैं।
आपके लिए हर ग्रह किस भाव में है?
गोचर आपकी चन्द्र राशि से पढ़ा जाता है, यानी वह राशि जिसमें आपके जन्म के समय चन्द्रमा था। अपना जन्म विवरण डालें: इंजन आपकी चन्द्र राशि तय करेगा, और उस राशि के पृष्ठ पर आज हर ग्रह का भाव उसी से गिनकर दिया गया है।
गोचर कैसे पढ़ें?
वैदिक ज्योतिष में गोचर का फल केवल वर्तमान ग्रह स्थिति से नहीं निकाला जाता। जन्म कुंडली का लग्न, चंद्र राशि, ग्रह बल, महादशा और अंतर्दशा भी साथ देखी जाती है। इसलिए सामान्य गोचर पेज दिशा देते हैं, जबकि व्यक्तिगत फल के लिए जन्म विवरण आवश्यक होते हैं।
धीमे ग्रह जैसे शनि, गुरु, राहु और केतु जीवन के बड़े चरणों को प्रभावित करते हैं। तेज ग्रह जैसे चंद्र, मंगल, बुध और शुक्र दैनिक निर्णय, मनोदशा, संचार और संबंधों की छोटी अवधि वाली लहरें बनाते हैं। दोनों स्तरों को अलग-अलग पढ़ें।
यदि कोई गोचर कठिन लगे तो पहले देखें कि वही ग्रह आपकी कुंडली में शुभ है या पीड़ित। फिर महादशा और अंतर्दशा देखें। जब जन्म योग, दशा और गोचर एक ही जीवन क्षेत्र को सक्रिय करते हैं, तब फल अधिक स्पष्ट और अनुभव योग्य होता है।
उपाय भी गोचर देखकर सीधे न करें। शनि, राहु, केतु या मंगल के उपाय तभी करें जब जन्म कुंडली और वर्तमान दशा उसी दिशा को समर्थन दे। गलत उपाय ग्रह को संतुलित करने के बजाय अनावश्यक रूप से सक्रिय कर सकता है।
सामान्य गोचर headline पढ़ते समय अपनी चंद्र राशि और लग्न दोनों देखें। चंद्र राशि मन और अनुभव की तीव्रता बताती है, जबकि लग्न वास्तविक घटना, स्वास्थ्य, काम और परिवार की दिशा दिखाता है। दोनों में एक ही संकेत मिले तो गोचर का असर अधिक स्पष्ट माना जाता है।
गोचर को daily panic tool न बनाएं। बड़े ग्रहों के लिए trend देखें, तेज ग्रहों के लिए दिन का mood और मुहूर्त देखें, और जीवन के स्थायी निर्णयों में दशा, जन्म योग और पंचांग को साथ रखकर निष्कर्ष निकालें।
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इस पेज को अकेले न पढ़ें। जन्म कुंडली, पंचांग, दशा और मुहूर्त के साथ मिलाने पर परिणाम अधिक उपयोगी होते हैं।
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