मातृ नवमी (अविधवा नवमी): शुक्रवार, 24 सितंबर 2027। नई दिल्ली में नवमी तिथि: 24 सित॰, 02:58 – 25 सित॰, 00:55 (IST)।
नई दिल्ली में समय
- नवमी तिथि
- 24 सित॰, 02:58 – 25 सित॰, 00:55
हम यह समय कैसे निकालते हैं
- हर शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से, Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) द्वारा गणना। दूसरे पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है।
मातृ नवमी (अविधवा नवमी) (Matru Navami (Avidhava Navami)) आश्विन मास में आने वाला तिथि-आधारित पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
मातृ नवमी (अविधवा नवमी)
Matru Navami (Avidhava Navami)
हिंदू मास: आश्विन
पंचांग आधार (तिथि नियम)
आश्विन कृष्ण पक्ष नवमी की तिथि ही इसे तय करती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
अमांत पंचांगों (महाराष्ट्र, गुजरात, दक्षिण भारत) में यही पक्ष भाद्रपद कृष्ण पक्ष कहलाता है; तारीख वही रहती है।
इस पर्व के बारे में
पितृ पक्ष की मातृ नवमी — दिवंगत माता, दादी-नानी और परिवार की सभी दिवंगत स्त्रियों के श्राद्ध का दिन, जिसमें उनकी स्मृति में तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन कराया जाता है।
महत्व
पितृ पक्ष की नवमी (आश्विन कृष्ण नवमी; अमांत पंचांग में भाद्रपद कृष्ण नवमी) मातृ पक्ष के लिए निर्धारित है — शास्त्र इसे दिवंगत माताओं और परिवार की उन सभी स्त्रियों के श्राद्ध का दिन बताते हैं जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात न हो। इस दिन मातृ-पितरों का सम्मान मातृ दोष को दूर करने और परिवार को पूर्वज स्त्रियों से सुख और संतान का आशीर्वाद दिलाने वाला माना जाता है। परिवार ब्राह्मणों के साथ सुहागिनों या बुज़ुर्ग स्त्रियों को भी भोजन पर बुलाते हैं, क्योंकि यह अर्पण स्वयं स्त्री वंश को है।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
सुबह स्नान के बाद कर्ता दिवंगत माताओं और दादी-नानी का नाम लेकर संकल्प करता है, फिर दक्षिण की ओर मुख करके जल, तिल और कुश से तर्पण करता है। उनके नाम से चावल, तिल और घी का पिंडदान किया जाता है। बिना प्याज़-लहसुन का भोजन — सामान्यतः खीर, पूरी और मौसमी सब्ज़ी — पहले कौए, गाय और कुत्ते (पंचबलि) को अर्पित किया जाता है, फिर आमंत्रित ब्राह्मणों और बुज़ुर्ग स्त्रियों को परोसा जाता है, जिन्हें दक्षिणा और वस्त्र देकर विदा किया जाता है। पूर्वज स्त्रियों के नाम पर सफ़ेद वस्त्र का दान अनुष्ठान पूरा करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मातृ नवमी (अविधवा नवमी) कब है?
मातृ नवमी (अविधवा नवमी) रविवार, 4 अक्टूबर 2026 और शुक्रवार, 24 सितंबर 2027 को है।
क्या मातृ नवमी (अविधवा नवमी) व्रत का दिन है?
नहीं, मातृ नवमी (अविधवा नवमी) के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
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