नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली): रविवार, 8 नवंबर 2026। नई दिल्ली में अभ्यंग स्नान: 05:41–06:38 (IST)।
नई दिल्ली में समय
- अभ्यंग स्नान
- 05:41–06:38
- चतुर्दशी तिथि
- 7 नव॰, 10:48 – 8 नव॰, 11:28
अपने शहर का समय
| शहर | अभ्यंग स्नान |
|---|---|
| नई दिल्ली | 05:41–06:38 |
| मुंबई | 05:45–06:42 |
| कोलकाता | 04:45–05:45 |
| चेन्नई | 05:06–06:05 |
| बेंगलुरु | 05:17–06:15 |
| हैदराबाद | 05:19–06:17 |
| अहमदाबाद | 05:52–06:49 |
| जयपुर | 05:44–06:41 |
| लखनऊ | 05:23–06:21 |
| पटना | 05:03–06:02 |
हम यह समय कैसे निकालते हैं
- अभ्यंग स्नान: चतुर्दशी रहते चंद्रोदय से सूर्योदय तक
- हर शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से, Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) द्वारा गणना। दूसरे पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है।
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) (Narak Chaturdashi (Chhoti Diwali)) कार्तिक मास में आने वाला एक पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
Narak Chaturdashi (Chhoti Diwali)
हिंदू मास: कार्तिक
पंचांग आधार (तिथि नियम)
कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी की तिथि ही इसे तय करती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
अमांत पंचांगों (महाराष्ट्र, गुजरात, दक्षिण भारत) में यही पक्ष आश्विन कृष्ण पक्ष कहलाता है; तारीख वही रहती है।
इस पर्व के बारे में
छोटी दिवाली — श्रीकृष्ण और सत्यभामा द्वारा नरकासुर के वध का दिन। संध्या को चौदह दीप जलाए जाते हैं और भोर से पहले तिल-तेल व उबटन से अभ्यंग स्नान कर पापों का शमन किया जाता है।
महत्व
नरक चतुर्दशी कृष्ण की नरकासुर पर विजय और सोलह हज़ार बंदियों की मुक्ति की स्मृति है — संचित अधर्म पर प्रकाश की जीत। सूर्योदय से पहले का अभ्यंग स्नान इस दिन का मुख्य अनुष्ठान है: भोर से पहले तेल स्नान को गंगा स्नान के बराबर कहा गया है, जो वर्ष भर के लिए नरक के भय को दूर करता है। शाम को द्वार पर दक्षिण की ओर मुख करके रखा गया यम का दीपक मृत्यु के देवता से परिवार की रक्षा की प्रार्थना है — वर्ष का यही एक दिन है जब उनके लिए दीपक रखा जाता है। दक्षिण भारत में यही सुबह मुख्य दीपावली के रूप में मनाई जाती है।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
रात के अंतिम प्रहर में उठें, तिल के तेल और उबटन से शरीर की मालिश करें और सूर्योदय से पहले स्नान करें — यही अभ्यंग स्नान है। स्वच्छ वस्त्र पहनें। शाम को घर के चारों ओर चौदह दीपक जलाएं और प्रवेश द्वार पर दक्षिण की ओर मुख करके यम के लिए चार मुख वाला दीपक रोली और अक्षत के साथ रखें। कुछ परिवार नरकासुर वध की स्मृति में छोटी सी कृष्ण पूजा करते हैं। दीपावली की पूर्व संध्या शुरू होते ही घर के दीपक रात भर जलते रहने दें।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) कब है?
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) रविवार, 8 नवंबर 2026 और गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027 को है।
क्या नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) व्रत का दिन है?
नहीं, नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
हाल के और आने वाले वर्षों के दिनांक
| वर्ष | दिनांक |
|---|---|
| 2023 | |
| 2024 | |
| 2025 | |
| 2026 | |
| 2027 | |
| 2028 | |
| 2029 | |
| 2030 |
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