दिवाली (दीपावली) (Diwali (Deepavali)) कार्तिक मास में आने वाला एक पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।
दिवाली (दीपावली)
Diwali (Deepavali)
हिंदू मास: कार्तिक
पंचांग आधार (तिथि नियम)
हर वर्ष यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। चंद्र तिथि और ग्रेगोरियन कैलेंडर के अंतर के कारण अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
यहाँ मास के नाम पूर्णिमांत पद्धति से हैं, जैसे उत्तर भारत के पंचांगों में, जहाँ मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है। अमांत पंचांगों (महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के अधिकांश भाग) में मास अमावस्या पर समाप्त होता है, इसलिए वहाँ यही पक्ष आश्विन कृष्ण पक्ष कहलाता है; तारीख वही रहती है।
इस पर्व के बारे में
दीपों का त्योहार — मां लक्ष्मी पूजा, प्रकाश की अंधकार पर विजय
महत्व
दीपावली भारत का सबसे बड़ा पर्व है। यह चौदह वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने का उत्सव है। इसी दिन धन और समृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा होती है। यह अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
घर की सफ़ाई करके रंगोली और दीयों से सजाएं। प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में लक्ष्मी-गणेश पूजा करें। नए बही-खाते खोलें (चोपड़ा पूजन)। हर कोने में दीपक जलाएं। मिठाई और उपहार बांटें। नए वस्त्र पहनें।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिवाली (दीपावली) कब है?
दिवाली (दीपावली) 2026 में रविवार, 8 नवंबर 2026 को और 2027 में शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 को है। यह तिथि हर वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार बदलती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ एक वर्ष से दूसरे वर्ष में अलग होती है।
क्या दिवाली (दीपावली) व्रत का दिन है?
दिवाली (दीपावली) मुख्य रूप से व्रत का दिन नहीं है, फिर भी कई परिवार इस दिन सात्विक आहार या हल्का उपवास रखते हैं।
आपकी पूरी रिपोर्ट में खुलता है
आपके कार्य के लिए श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त
चौघड़िया, अभिजित और बचने का समय
आपका संकल्प और उपाय का समय
खोलने के लिए टैप करें ↓
प्रीमियम रिपोर्ट
आज का शुभ समय आपके लिए सही है या नहीं?
सार्वजनिक चौघड़िया केवल ऊपरी परत है। अपने कार्य, शहर, चंद्र राशि, दशा और पंचांग को साथ पढ़ने वाली निजी मुहूर्त रिपोर्ट पाएँ।
- आपकी पूरी मुहूर्त रिपोर्ट
- तुरंत PDF और इसी पेज पर पूरी रिपोर्ट
- सुरक्षित Razorpay चेकआउट
गणना लाहिड़ी अयनांश पर — वही पद्धति जो पारंपरिक ज्योतिषी अपनाते हैं।
पहले जन्म विवरण भरें। कुंडली के लिए ज़रूरी जानकारी मिलते ही चेकआउट खुलेगा।
क्या यह जानकारी उपयोगी रही?