वैकुंठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi) मार्गशीर्ष मास में आने वाला एक व्रत है। इसकी तारीख ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, हिंदू पंचांग से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन परंपरा में व्रत रखा जाता है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।
वैकुंठ एकादशी
Vaikuntha Ekadashi
हिंदू मास: मार्गशीर्ष
इस पर्व के बारे में
वैकुंठ का द्वार खुलता है — दक्षिण भारत की सबसे पवित्र एकादशी
महत्व
दक्षिण भारत के मंदिरों में केवल इसी दिन एक विशेष द्वार (वैकुंठ द्वारम्) खोला जाता है। मान्यता है कि इससे होकर गुज़रने से सीधे वैकुंठ की प्राप्ति होती है। तिरुपति और श्रीरंगम में भव्य उत्सव होते हैं।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
अन्न से परहेज़ करके व्रत रखें। वैकुंठ द्वार से गुज़रने के लिए सुबह जल्दी विष्णु मंदिर जाएं। दिन भर विष्णु की उपासना करें। रात में जागरण करें।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैकुंठ एकादशी कब है?
वैकुंठ एकादशी रविवार, 20 दिसंबर 2026 को है। यह तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार तय होती है।
क्या वैकुंठ एकादशी व्रत का दिन है?
हाँ — वैकुंठ एकादशी व्रत (उपवास) के रूप में रखा जाता है। भक्त उपवास रखते हैं और पूजा विधि पूरी करने के बाद ही व्रत खोलते हैं।
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