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हिंदू कैलेंडर/पितृ पक्ष आरंभ

पितृ पक्ष आरंभ: गुरुवार, 16 सितंबर 2027। नई दिल्ली में प्रतिपदा तिथि: 16 सित॰, 04:34 – 17 सित॰, 05:52 (IST)।

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नई दिल्ली में समय

प्रतिपदा तिथि
16 सित॰, 04:34 – 17 सित॰, 05:52
हम यह समय कैसे निकालते हैं
  • हर शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से, Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) द्वारा गणना। दूसरे पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है।

पितृ पक्ष आरंभ (Pitru Paksha Begins) आश्विन मास में आने वाला तिथि-आधारित पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।

तिथि-आधारित

पितृ पक्ष आरंभ

Pitru Paksha Begins

हिंदू मास: आश्विन

2026
रविवार, 27 सितंबर 2026
2027
गुरुवार, 16 सितंबर 2027

पंचांग आधार (तिथि नियम)

तिथि
प्रतिपदा
पक्ष
कृष्ण पक्ष
हिंदू मास
आश्विन

आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा की तिथि ही इसे तय करती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।

अमांत पंचांगों (महाराष्ट्र, गुजरात, दक्षिण भारत) में यही पक्ष भाद्रपद कृष्ण पक्ष कहलाता है; तारीख वही रहती है।

इस पर्व के बारे में

सोलह दिवसीय पितृ पक्ष का आरंभ — इस पखवाड़े में प्रतिदिन तर्पण, पूर्वज की तिथि पर पिंडदान और पितरों के नाम पर ब्राह्मण, कौए व गाय को भोजन कराया जाता है।

महत्व

माना जाता है कि इस पखवाड़े में पितर अपने वंशजों के पास आते हैं और श्राद्ध में अर्पित जल और भोजन ग्रहण करते हैं। उनका सम्मान पितृ दोष का सीधा उपाय है — वह पैतृक पीड़ा जिसे ज्योतिष बार-बार आने वाली बाधाओं, संतान में देरी और पारिवारिक कलह से जोड़ता है — इसीलिए इन दिनों गया, प्रयाग और सिद्धपुर जैसे तीर्थ पिंडदान करने वालों से भरे रहते हैं। नई खरीदारी, विवाह और शुभ मुहूर्त रुक जाते हैं; यह पखवाड़ा कृतज्ञता और ऋण-मुक्ति (पितृ ऋण से मुक्ति) का है, जो सर्व पितृ अमावस्या पर समाप्त होता है, जब सभी भूले-बिसरे पितरों को एक साथ भोजन अर्पित किया जाता है।

पूजा विधि (कैसे मनाएँ)

हर सुबह स्नान के बाद दक्षिण की ओर मुख करके तर्पण करें — काले तिल और कुश के साथ जल अर्पित करें — और पिछली तीन पीढ़ियों का नाम लें। पखवाड़े में जिस तिथि को पूर्वज का देहांत हुआ हो, उस दिन पूर्ण श्राद्ध करें: चावल, तिल और घी का पिंडदान, कौए, गाय, कुत्ते, चींटी और देवताओं के लिए पंचबलि का भाग, फिर दक्षिणा के साथ ब्राह्मण भोजन। पूरे पखवाड़े भोजन सात्विक और घर का आचरण संयमित रखें। जो प्रतिदिन कर्म न कर सकें, वे सर्व पितृ अमावस्या पर एक बार श्राद्ध कर सकते हैं।

क्षेत्रीय नाम

Mahalaya PakshaKanagat

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पितृ पक्ष आरंभ कब है?

पितृ पक्ष आरंभ रविवार, 27 सितंबर 2026 और गुरुवार, 16 सितंबर 2027 को है।

क्या पितृ पक्ष आरंभ व्रत का दिन है?

नहीं, पितृ पक्ष आरंभ के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।

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