चंद्र ग्रहण (उपच्छाया) (Chandra Grahan (Penumbral Lunar Eclipse)) श्रावण मास में आने वाला एक ग्रहण है। ग्रहण वार्षिक तिथि-पर्व नहीं, एक खगोलीय घटना है: इसकी तारीख और समय सूर्य, चंद्रमा और राहु-केतु की स्थिति से गणना करके निकाले जाते हैं। भारत में इस ग्रहण के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
चंद्र ग्रहण (उपच्छाया)
Chandra Grahan (Penumbral Lunar Eclipse)
हिंदू मास: श्रावण
इस ग्रहण के बारे में
उपच्छाया चंद्र ग्रहण (अधिकतम 12:44 IST, जब भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा)। यह अमेरिका और प्रशांत क्षेत्र से दिखेगा। यह भारत से दिखाई नहीं देगा।
महत्व
यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण है — इसमें धार्मिक पालन बहुत कम अपेक्षित है।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
उपच्छाया ग्रहण बहुत सूक्ष्म होता है। सावधानी के रूप में मंत्र जप करें।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चंद्र ग्रहण (उपच्छाया) कब है?
चंद्र ग्रहण (उपच्छाया) मंगलवार, 17 अगस्त 2027 को है। ग्रहण की तारीख और समय सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना करके निकाले जाते हैं; यह किसी वार्षिक तिथि से तय नहीं होता।
क्या चंद्र ग्रहण (उपच्छाया) पर व्रत रखा जाता है?
भारत में इस ग्रहण के लिए कोई व्रत या सूतक निर्धारित नहीं है। ग्रहण का व्रत और सूतक केवल वहीं माने जाते हैं जहां ग्रहण दिखाई दे।
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