गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) आषाढ़ मास में आने वाला एक पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।
गुरु पूर्णिमा
Guru Purnima
हिंदू मास: आषाढ़
पंचांग आधार (तिथि नियम)
हर वर्ष यह पर्व आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। चंद्र तिथि और ग्रेगोरियन कैलेंडर के अंतर के कारण अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
इस पर्व के बारे में
गुरु को समर्पित दिन — वेद व्यास और सभी गुरुओं का सम्मान
महत्व
गुरु पूर्णिमा वेदों का संकलन करने वाले और महाभारत के रचयिता वेद व्यास का जन्मदिन है। इसी दिन बुद्ध ने सारनाथ में अपना पहला उपदेश भी दिया था। यह गुरुओं और आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
अपने गुरु के पास जाकर दक्षिणा अर्पित करें। व्यास पूजा करें। अपने शिक्षक को फूल और फल भेंट करें। गुरु स्तोत्र का पाठ करें। कोई नई आध्यात्मिक साधना शुरू करें।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरु पूर्णिमा कब है?
गुरु पूर्णिमा 2026 में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को और 2027 में रविवार, 18 जुलाई 2027 को है। यह तिथि हर वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार बदलती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ एक वर्ष से दूसरे वर्ष में अलग होती है।
क्या गुरु पूर्णिमा व्रत का दिन है?
गुरु पूर्णिमा मुख्य रूप से व्रत का दिन नहीं है, फिर भी कई परिवार इस दिन सात्विक आहार या हल्का उपवास रखते हैं।
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