अक्षय तृतीया: रविवार, 9 मई 2027। नई दिल्ली में तृतीया तिथि: 8 मई, 11:43 – 9 मई, 09:04 (IST)।
नई दिल्ली में समय
- तृतीया तिथि
- 8 मई, 11:43 – 9 मई, 09:04
हम यह समय कैसे निकालते हैं
- हर शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से, Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) द्वारा गणना। दूसरे पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है।
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) वैशाख मास में आने वाला एक पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।
अक्षय तृतीया
Akshaya Tritiya
हिंदू मास: वैशाख
पंचांग आधार (तिथि नियम)
वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया की तिथि ही इसे तय करती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
इस पर्व के बारे में
अक्षय फल देने वाली तृतीया — एक अबूझ मुहूर्त, जिसमें बिना पंचांग देखे भी विवाह, नया व्यवसाय, स्वर्ण-क्रय और दान किए जाते हैं। आज आरंभ किया गया हर शुभ कार्य अक्षय माना जाता है।
महत्व
अक्षय तृतीया हिंदू कैलेंडर के सबसे शुभ दिनों में से एक है — पूरा दिन शुभ मुहूर्त होता है, इसलिए कोई महत्वपूर्ण काम शुरू करने से पहले अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। कहा जाता है कि इसी दिन त्रेता युग का आरंभ हुआ। सुदामा मुट्ठी भर पोहा लेकर कृष्ण से मिलने गए और लौटकर उन्होंने अपनी दरिद्रता को समृद्धि में बदला पाया। गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं। महर्षि व्यास ने भगवान गणेश को महाभारत सुनाना आरंभ किया, और द्रौपदी को कभी खाली न होने वाला अक्षय पात्र मिला। सोना खरीदना लक्ष्मी की अक्षय समृद्धि को घर बुलाने का प्रतीक है; उतना ही पारंपरिक है दान — गर्मी में जल, भोजन और छाया देना — जिसे शास्त्र अक्षय पुण्य का सर्वोच्च रूप मानते हैं।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें। तुलसी दल, चंदन और पीले फूलों के साथ लक्ष्मी-विष्णु की पूजा करें और विष्णु सहस्रनाम या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जप करें। अक्षय समृद्धि को आमंत्रित करने के प्रतीक के रूप में सोना, चांदी या कोई स्थायी संपत्ति खरीदें — या कोई नया काम शुरू करें। उदारता से दान करें — जल के घड़े, पंखे, छाते, जूते-चप्पल, अनाज और वस्त्र गर्मियों के पारंपरिक दान हैं। गरीबों को भोजन कराएं। आज किया गया हर शुभ कर्म अक्षय पुण्य देता है, इसलिए भक्त इस दिन जप, बचत और लंबे समय के संकल्प भी शुरू करते हैं।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्षय तृतीया कब है?
अक्षय तृतीया रविवार, 19 अप्रैल 2026 और रविवार, 9 मई 2027 को है।
क्या अक्षय तृतीया व्रत का दिन है?
नहीं, अक्षय तृतीया के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
हाल के और आने वाले वर्षों के दिनांक
| वर्ष | दिनांक |
|---|---|
| 2024 | |
| 2025 | |
| 2027 | |
| 2028 | |
| 2029 | |
| 2030 |
क्या यह जानकारी उपयोगी रही?