ओणम (Onam) भाद्रपद मास में आने वाला एक पर्व है। इसकी तारीख ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, हिंदू पंचांग से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।
ओणम
Onam
हिंदू मास: भाद्रपद
इस पर्व के बारे में
केरल का दस-दिवसीय फ़सल पर्व, जो राजा महाबलि के स्वागत में मनाया जाता है — द्वार-द्वार पर पूकलम की फूल-सज्जा, नौका दौड़ और केले के पत्ते पर परोसी जाने वाली ओणम सद्या इसकी पहचान हैं।
महत्व
ओणम असुर राजा महाबलि के स्वर्णिम शासन की स्मृति है — वे इतने प्रिय थे कि वामन रूप में विष्णु ने उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा के पास लौटने का वरदान दिया। ओणम वही वार्षिक घर-वापसी है: उनके स्वागत में पूकलम सजाया जाता है और सद्या उनके सम्मान में परोसा जाने वाला भोज है। वामन अवतार की कथा से जुड़ा होने के बावजूद यह पर्व पूरे केरल में समुदायों की सीमाओं से ऊपर उठकर मनाया जाता है — फ़सल की समृद्धि, विनम्रता के पुरस्कार और उस शासक के उत्सव के रूप में, जिसे उसकी प्रजा के सुख से आंका जाता है। यही इसके सबसे पवित्र दिन तिरुवोणम का अर्थ है।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
दस दिनों तक हर सुबह प्रवेश द्वार पर ताज़ा पूकलम बनाएं और तिरुवोणम तक उसे घेरा-दर-घेरा बढ़ाते जाएं। मुख्य दिन सुबह जल्दी स्नान करें, कसावु (क्रीम और सुनहरे रंग के) वस्त्र पहनें और मिट्टी से बनी पिरामिड आकार की ओणत्तप्पन (वामन-महाबलि) आकृतियां फूलों और दीपों के साथ पूकलम पर रखें। ओणम सद्या तैयार करें — चावल, सांभर, अवियल, ओलन, तोरन, पचड़ी, केले के चिप्स और पायसम — और परिवार व अतिथियों को केले के पत्ते पर परोसें। दोपहर पारंपरिक खेलों, तिरुवातिरा नृत्य और झूलों से भरी रहती है।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ओणम कब है?
ओणम बुधवार, 2 सितंबर 2026 और रविवार, 22 अगस्त 2027 को है।
क्या ओणम व्रत का दिन है?
नहीं, ओणम के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
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