होलिका दहन: रविवार, 21 मार्च 2027। नई दिल्ली में पूर्णिमा तिथि: 21 मार्च, 18:22 – 22 मार्च, 16:14 (IST)।
नई दिल्ली में समय
- पूर्णिमा तिथि
- 21 मार्च, 18:22 – 22 मार्च, 16:14
हम यह समय कैसे निकालते हैं
- हर शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से, Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) द्वारा गणना। दूसरे पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है।
होलिका दहन (Holika Dahan) फाल्गुन मास में आने वाला एक पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।
होलिका दहन
Holika Dahan
हिंदू मास: फाल्गुन
पंचांग आधार (तिथि नियम)
फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा की तिथि ही इसे तय करती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
इस पर्व के बारे में
होली से पूर्व की रात्रि का पर्व — शुभ मुहूर्त में होलिका की अग्नि जलाई जाती है, परिक्रमा कर नई फसल के अन्न की आहुति दी जाती है, और प्रह्लाद की भक्ति की विजय का उत्सव मनाया जाता है।
महत्व
होलिका दहन प्रह्लाद की रक्षा की कथा को दोहराता है: होलिका की वरदान वाली चादर उड़कर बालक प्रह्लाद पर आ गई और होलिका स्वयं जल गई — यह प्रमाण कि भक्ति हर षड्यंत्र से बड़ी है। अग्नि को जीवित शुद्धिकारक माना जाता है — परिवार उसमें जौ, गेहूं, नारियल और वर्ष भर की कड़वाहट अर्पित करते हैं, और घर का चूल्हा फिर से जलाने के लिए अंगारे साथ ले जाते हैं। लोक परंपरा में इसकी भस्म नज़र और रोग से रक्षा के लिए लगाई जाती है। यह रात अशुभ होलाष्टक को भी समाप्त करती है, जिससे होली के बाद शुभ कार्यों के मुहूर्त फिर खुल जाते हैं।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
दहन से पहले किसी चौराहे या सामुदायिक मैदान में लकड़ी और उपलों की होलिका तैयार की जाती है, जिसके शिखर पर प्रह्लाद का प्रतीक या ध्वज रखा जाता है। शाम के मुहूर्त में रोली, अक्षत, फूल, मूंग, बताशे, नारियल और जल का कलश अर्पित करें, होलिका के चारों ओर रक्षा सूत्र लपेटें, फिर अग्नि प्रज्वलित करें। अग्नि में जौ और चने की बालियां अर्पित करते हुए तीन या सात परिक्रमा करें। नया अनाज भूनकर बांटें और रक्षा के लिए थोड़ी भस्म घर ले जाएं। अगली सुबह रंगों से होली खेलें।
क्षेत्रीय नाम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होलिका दहन कब है?
होलिका दहन मंगलवार, 3 मार्च 2026 और रविवार, 21 मार्च 2027 को है।
क्या होलिका दहन व्रत का दिन है?
नहीं, होलिका दहन के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
हाल के और आने वाले वर्षों के दिनांक
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