हनुमान जयंती: मंगलवार, 20 अप्रैल 2027। नई दिल्ली में पूर्णिमा तिथि: 20 अप्रैल, 04:52 – 21 अप्रैल, 03:57 (IST)।
नई दिल्ली में समय
- पूर्णिमा तिथि
- 20 अप्रैल, 04:52 – 21 अप्रैल, 03:57
हम यह समय कैसे निकालते हैं
- हर शहर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से, Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) द्वारा गणना। दूसरे पंचांगों से एक-दो मिनट का अंतर संभव है।
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) चैत्र मास में आने वाला एक पर्व है। इसकी तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं, पंचांग की तिथि से तय होती है, इसलिए हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख बदलती है और पंचांग से ही निकाली जाती है। इस दिन कोई व्रत निर्धारित नहीं है। पर्व का स्वरूप और पूजा विधि हर वर्ष वही रहती है।
हनुमान जयंती
Hanuman Jayanti
हिंदू मास: चैत्र
पंचांग आधार (तिथि नियम)
चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा की तिथि ही इसे तय करती है, इसलिए अंग्रेज़ी तारीख़ हर वर्ष बदलती है।
इस पर्व के बारे में
हनुमान जी का जन्मोत्सव — हनुमान चालीसा पाठ, सिंदूर व चोला अर्पण और मंदिरों में विशेष पूजा के साथ बजरंगबली की आराधना का दिन।
महत्व
हनुमान जयंती शक्ति, सेवा और निर्भय भक्ति के प्रतीक हनुमान को समर्पित है। ज्योतिष परंपरा में वे शनि और मंगल की पीड़ा से मुख्य शरण माने जाते हैं — साढ़े साती, शनि महादशा या मंगल दोष वाले लोगों को इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ सबसे सुलभ और प्रभावी उपाय के रूप में सुझाया जाता है। उनका जन्म सूर्योदय के समय माना जाता है, इसलिए उत्तर भारत के अधिकांश मंदिरों में सुबह का समय मुख्य पूजा काल होता है, और पहलवान, सैनिक और विद्यार्थी सभी बल और बुद्धि दोनों के लिए उनका आशीर्वाद मांगते हैं।
पूजा विधि (कैसे मनाएँ)
भोर में स्नान करके हनुमान मंदिर जाएं, या घर में उनका चित्र दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके स्थापित करें। चमेली के तेल में मिला सिंदूर — चोला — माला, बूंदी या बेसन के लड्डू और पान के साथ अर्पित करें। चमेली के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान चालीसा (कई भक्त दिन भर में 11 या 108 पाठ पूरे करते हैं), बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। दिन भर ब्रह्मचर्य का पालन और तामसिक भोजन से परहेज़ की परंपरा है। शाम की आरती के बाद लड्डू का प्रसाद बांटें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हनुमान जयंती कब है?
हनुमान जयंती गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 और मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 को है।
क्या हनुमान जयंती व्रत का दिन है?
नहीं, हनुमान जयंती के लिए कोई व्रत निर्धारित नहीं है।
हाल के और आने वाले वर्षों के दिनांक
| वर्ष | दिनांक |
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| 2023 | |
| 2024 | |
| 2025 | |
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| 2027 | |
| 2028 | |
| 2030 |
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